पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार शाम करीब 5:30 बजे मौत हो गई। मामला उस समय और पेचीदा हो गया, जब डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के करीब चार घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक भावनात्मक पोस्ट सामने आई, जिसे प्रथम दृष्टया ‘सुसाइड नोट’ के रूप में देखा जा रहा है।
मौत के बाद सोशल मीडिया पोस्ट ने खड़े किए सवाल
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि साध्वी की मौत शाम करीब 5:30 बजे हो चुकी थी, जबकि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर रात करीब 9:28 बजे एक पोस्ट साझा किया गया।
इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा गया—”मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया। मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा। अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था?”
यह पोस्ट प्रथम दृष्टया आत्मघाती संदेश जैसा प्रतीत हो रहा है, हालांकि इसकी प्रामाणिकता और पोस्ट करने वाले व्यक्ति को लेकर पुलिस जांच जारी है।