ब्यूरो चीफ मनोज भट्ट जिला बस्तर छत्तीसगढ़
लर्निंग लाइसेंस के लिए बस्तर संभाग के युवाओं को, लर्निंग लाइसेंस कि फीस से ज्यादा, रिश्वत देने से ही लाइसेंस प्राप्त हो पा रहे हैं। जबकि लाइसेंस की सरकारी फीस है।355,50 पैसा है। लर्निंग प्रशिक्षण लेने वाले बाबू के द्वारा अवैध रकम ₹600 पर लाइसेंस लिया जा रही है। *जबकि जगदलपुर कार्यालय में डेढ़ सौ से लेकर 200 तक की लाइसेंस पर दिन का काम है सोमवार से गुरुवार तक चार दिन कार्य होता है।* तो बाबू की कमाई आप माप सकते हैं कितनी होगी। यदि पर दिन 80 लाइसेंस भी बनते हैं।80×600=48000 बाबू की 1 दिन की कमाई, जबकि वाहन 4.0 ऑनलाइन परीक्षार्थी पोर्टल 200 खुला रहता है। *जिसमें ₹600 रिश्वत का देने के कारण लोग लाइसेंस बनाने से पीछे हट रहे हैं।
वही अशोक हलदर जो स्मार्ट चिप में बैठा है। उनके द्वारा अपनी पत्नी के नाम से शारदा हलदर बायोमेट्रिक में लोक सेवा सुविधा केंद्र चला रहे हैं।पर फोटोकॉपी आरटीओ कार्यालय में ही ₹10 एवं ऑनलाइन आवेदन करने के लिए ₹100 पर केस लेता है।
प्रशिक्षण ऑनलाइन एग्जाम हलदार, रमेश ,खगेश्वर, बायोमेट्रिक एग्जाम इन तीनों के द्वारा ली जाती है ।खामियाजा बस्तर युवाओं को उठाना पड़ रहा है।
सारा खेल रवि रामटेके बाबू के नेतृत्व में चल रहा है।भाजपा के कार्यकाल में यह सब काम हो रहा है जबकि भाजपा सुशासन वाली है। फ्री लाइसेंस का प्रचार करती है। लेकिन यहां ताबड़तोड़ वसूली चल रही है।*