प्रेस विज्ञप्ति
स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश कांग्रेस के सचिव डॉ. विक्रम चौधरी ने आज प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘नैतिक रूप से दिवालिया’ घोषित किया है। डॉ. चौधरी ने कहा कि मध्य प्रदेश में जिस “बुलडोजर न्याय” और “सुशासन” की मार्केटिंग की जा रही है, उसकी परतें अब पूरी तरह खुल चुकी हैं और सरकार की कथनी और करनी का अंतर जनता के सामने स्पष्ट हो गया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में नैतिकता का तकाजा यह होता है कि हार के साथ ही सत्ता के सुख त्याग दिए जाएं, लेकिन भाजपा के पूर्व मंत्री—नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल, यशोदधारा राजे सिंधिया और इमरती देवी जैसे नेता—आज नैतिकता को ताक पर रखकर सरकारी बंगलों पर कुंडली मारकर बैठे हैं। जो भाजपा ‘शुचिता’ की बात करती थी, उसके नेता आज जनता के गाढ़े पसीने और टैक्स के पैसे पर ‘अवैध’ ऐश कर रहे हैं। क्या सत्ता का मोह इतना बड़ा हो गया है कि नियमों की धज्जियां उड़ाना ही अब भाजपा की नई नीति बन गई है?
डॉ. चौधरी ने आगे कहा कि हालिया जहरीला कफ सिरप कांड केवल एक स्वास्थ्य त्रासदी नहीं, बल्कि सरकार की नैतिक विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। जब शासन व्यवस्था भ्रष्टाचार में डूबी हो, तभी माफियाओं को जनता की जान से खेलने की छूट मिलती है। प्रशासन की नाक के नीचे मौत का व्यापार चल रहा है और सरकार दोषियों पर कार्रवाई के बजाय केवल लीपापोती में व्यस्त है। इसी तरह इंदौर के भागीरथपुरा जैसी स्थितियां यह बताने के लिए काफी हैं कि भाजपा का विकास मॉडल केवल विज्ञापनों तक सीमित है। बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती जनता और दूसरी तरफ रसूखदारों को दी जा रही वीआईपी सुविधाएं सरकार के जन-विरोधी चरित्र को उजागर करती हैं।
उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून के आज दो हाथ दिखाई देते हैं—एक हाथ गरीबों और बेसहाराओं के सिर से छत छीनने के लिए ‘बुलडोजर’ चलाता है, और दूसरा हाथ उन अपात्र मंत्रियों के अवैध कब्जों की रक्षा करता है जो चुनाव हारने के बाद भी बंगले खाली करने को तैयार नहीं हैं। मुख्यमंत्री जी को जवाब देना चाहिए कि इन ‘अपात्र’ पूर्व मंत्रियों के सामने उनकी प्रशासनिक सख्ती और जीरो टॉलरेंस की नीति कहाँ गायब हो जाती है? मध्य प्रदेश की जनता इस राजनैतिक ढोंग को देख रही है। जिस सरकार की बुनियाद ही अनैतिकता और दोहरे मापदंडों पर टिकी हो, वह प्रदेश का भला कभी नहीं कर सकती। भाजपा ने न केवल जनादेश का अपमान किया है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनैतिक शुचिता की भी खुलेआम हत्या की है।
जनता द्वारा चुनाव में नकारे जाने के बावजूद सत्ता के मोह में भाजपा के कई दिग्गज नेता अभी भी सरकारी बंगलों पर अवैध कब्जा जमाए बैठे हैं। इन ‘अपात्र’ व्यक्तियों की सूची काफी लंबी है, जिनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
नरोत्तम मिश्रा (पूर्व मंत्री)
कमल पटेल (पूर्व मंत्री)
यशोदधारा राजे सिंधिया (पूर्व मंत्री)
इमरती देवी (पूर्व मंत्री)
प्रज्ञा ठाकुर (पूर्व सांसद, भोपाल)
रामपाल सिंह, उषा ठाकुर, मीना सिंह और महेंद्र सिंह सिसोदिया जैसे कई अन्य पूर्व विधायक और नेता।
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सादर प्रकाशनार्थ
भवदीय
डॉ. विक्रम चौधरी
सचिव, मध्य प्रदेश कांग्रेस