दुद्धी सोनभद्र(विवेक सिंह)।
विकास खंड अंतर्गत के महुली स्थित राजा बरियार शाह खेल मैदान में संत शिरोमणि संत रविदास, स्वच्छता के प्रणेता संत गाडगे बाबा तथा समाजवादी चिंतक जगदेव प्रसाद (जगदेव बाबू कुशवाहा) की संयुक्त जयंती श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक जागरूकता के वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के हजारों लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गौतम बुद्ध, छत्रपति शाहू महाराज, संत रविदास, भीमराव रामजी अम्बेडकर, संत गाडगे बाबा एवं जगदेव बाबू के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कर उपस्थित जनसमूह ने सामाजिक समानता एवं न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
“शिक्षा से ही बदलेंगे हालात”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही ब्लॉक प्रमुख दुद्धी रंजना चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा वह शक्ति है जो समाज को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा, “जो समाज शिक्षा को अपनाता है, वही आगे बढ़ता है।” उनके शब्दों ने युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया।
“ज्ञान से आगे बढ़कर प्रज्ञा जरूरी”
वक्ता विनोद कुमार ने कहा कि केवल पढ़-लिख लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान को समाजहित में प्रयोग करने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता तेज प्रताप मौर्य ने जगदेव बाबू के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षित, सबल और संगठित बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक न्याय और भागीदारी की मजबूती पर जोर दिया।
संविधान ने दिया समानता का अधिकार
पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा रामविचार गौतम ने कहा कि देश में समान मताधिकार और सामाजिक न्याय की व्यवस्था संविधान की देन है। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि संविधान ही लोकतंत्र की आत्मा है।
बीआरडी पीजी कॉलेज दुद्धी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार ने पृथक निर्वाचन प्रणाली और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र में सहभागिता ही असली शक्ति है।
“संगठन में ही निहित है शक्ति”
मुख्य अतिथि अजय कुमार रजक (डायरेक्टर, सड़क परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार) ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि महापुरुषों के विचार केवल इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की दिशा हैं। उन्होंने समाज से संगठित होकर संवैधानिक मार्ग से अपने अधिकार प्राप्त करने का आह्वान किया।
उन्होंने संत गाडगे बाबा के स्वच्छता संदेश, संत रविदास की समरसता की भावना तथा जगदेव बाबू के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया।
प्रतिमा स्थापना की घोषणा
विशिष्ट अतिथि संजय कुमार सिंह गोंड धुर्वे ने संत गाडगे बाबा की प्रतिमा स्थापित कराने की घोषणा की और हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
सेवानिवृत्त जिला जज एवं भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य राजन चौधरी तथा पूर्व एमएलसी शिवबोध राम ने भी महापुरुषों के आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया।
अंत में समिति के पदाधिकारियों द्वारा भोजन वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम का संचालन समिति अध्यक्ष अवधेश कुमार कन्नौजिया ने किया।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। आयोजन ने सामाजिक एकता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया।