किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के दूसरे दिन जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। विधायक भैयालाल राजवाड़े ने आरोप लगाया कि कई गांवों में टंकियां और पाइपलाइन का निर्माण तो दिखाया गया है, लेकिन लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा।
विधायक राजवाड़े ने सदन में कहा कि कई स्थानों पर पंचायतों को पानी की टंकियां हैंडओवर कर दी गई हैं, लेकिन न तो टंकियों में पानी है और न ही घरों के सामने लगाए गए नलों से एक बूंद पानी आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह सिर्फ टोटियां लगाकर काम पूरा दिखा दिया गया और भुगतान भी कर दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की।
इस पर उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने जवाब देते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के कार्य तेजी से पूरे किए गए हैं। यदि किसी गांव में ऐसी शिकायत है तो संबंधित जानकारी विभाग को उपलब्ध कराई जाए, सरकार जांच कराएगी।
मंत्री अरुण साव ने सदन को बताया कि 928 प्रस्तावित पानी की टंकियों में से 751 का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 177 टंकियों का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि 447 टंकियों से जलापूर्ति भी शुरू हो चुकी है।
इसके बाद विधायक अजय चंद्राकर ने रायपुर शहर में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइन और सीमित वार्डों में जलापूर्ति को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि 70 वार्डों में से केवल 25 वार्डों को ही योजना में क्यों शामिल किया गया।
जवाब में मंत्री अरुण साव ने कहा कि केंद्र सरकार की योजना के अनुरूप प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी गई है जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की आबादी अधिक है। उन्होंने बताया कि रायपुर के 25 वार्डों में बनाई गई पानी की टंकियों से नियमित जलापूर्ति की जा रही है।
विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार ने शिकायत मिलने पर जांच कराने का आश्वासन दिया, जबकि विपक्ष ने जल जीवन मिशन के कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की।