जिला ब्यूरो चीफ जावेद अली टीकमगढ़
पलेरा | रमजान-उल-मुबारक का मुकद्दस महीना अब अपने समापन की ओर है। शुक्रवार को नगर सहित ग्रामीण अंचलों में रमजान के ‘चौथे जुम्मे’ की नमाज पूरी धार्मिक गरिमा और अकीदत के साथ अदा की गई। जामा मस्जिद सहित तमाम मस्जिदों में रोजेदारों ने खुदा की बारगाह में सिर झुकाकर मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की इल्तिजा की। अनुशासन की मिसाल: मस्जिदों के भीतर मुकम्मल हुई नमाज नगर की सभी मस्जिदों में नमाज के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। खास बात यह रही कि पूरी नमाज मस्जिद परिसरों के भीतर ही अत्यंत अनुशासित तरीके से संपन्न हुई। अकीदतमंदों ने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा की और इबादत के इस पावन मौके पर भाईचारे का संदेश दिया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दी।”खबर की विशेष बातें : दुआओं का दौर: मुल्क की तरक्की, आपसी रवादारी (सहिष्णुता) और विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। बच्चों में उत्साह: बड़ों के साथ नन्हे रोजेदारों ने भी पूरी शिद्दत के साथ नमाज अदा की। प्रशासनिक व्यवस्था: स्थानीय पुलिस और प्रशासन नमाज के दौरान मुस्तैद रहा, जिससे व्यवस्था सुचारू बनी रही। बाजारों में रौनक: अब ईद का इंतजार चौथे जुम्मे के साथ ही अब हर तरफ ईद की आहट सुनाई देने लगी है। पलेरा के मुख्य बाजारों में कपड़ों, इत्र, टोपियों और सेवइयों की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। अब सभी की निगाहें आसमान पर ‘हिलाल’ (ईद के चांद) को तलाश रही हैं।
इनका कहना है:”रमजान का यह चौथा जुम्मा हमें सब्र, शुक्र और इंसानियत की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। हमने बारगाह-ए-इलाही में दुआ की है कि हमारे वतन में अमन-ओ-अमान कायम रहे और आपसी मोहब्बत और मजबूत हो। यह महीना हमें दूसरों की मदद करने का सबक सिखाता है।
हजरत अतिकुर रहमान इमाम मस्जिदें बुल बुले हिंद बड़ा बस स्टैंड पलेरा
इनका कहना है: “रमजान का महीना बहुत तेजी से गुजर गया। आज चौथे जुम्मे की नमाज अदा कर बहुत सुकून मिला। हमने यही दुआ मांगी है कि अल्लाह हमारे कारोबार में बरकत दे और मुल्क में भाईचारा हमेशा बना रहे। अब बस ईद का बेसब्री से इंतजार है।”
— मुहम्मद ख्वाजा , स्थानीय पत्रकार पलेरा
इनका कहना है: “चौथे जुम्मे की नमाज के बाद अब हम दोस्तों के साथ ईद की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार बाजार में काफी रौनक है। खुशी है कि हम सब मिलकर शांति और सद्भाव के साथ अपना त्यौहार मना रहे हैं।”