राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन को पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान-केंद्रित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने गुरुवार को बहोरीबंद क्षेत्र के सलैया पटोरी स्थित आधुनिक साइलो केंद्र सहित रीठी तहसील के तीन उपार्जन केन्द्र—रीठी, देवगांव और तिलगवा का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों को हर स्तर पर बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने साइलो केंद्र में व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और कहा कि किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर बेहिचक अवगत कराएं।
वैशाख की तेज धूप के बीच कलेक्टर श्री तिवारी ने पूरे साइलो परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों ने नई व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि अब उपार्जन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है। किसानों ने यह भी बताया कि साइलो केंद्र पर गेहूं उतारने में पल्लेदारों की आवश्यकता नहीं पड़ती और तौल प्रक्रिया में अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती।
साइलो प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता और गति
सलैया पटोरी स्थित आधुनिक साइलो केंद्र शुरू होने से उपार्जन केन्द्रों पर भीड़ कम होगी और फसल का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक भंडारण संभव हो सकेगा। तौल एवं परिवहन प्रक्रिया में भी सुगमता आई है, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होने में मदद मिल रही है। महज दो दिनों में यहां 10 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी हो चुकी है।
प्रतिदिन 20 हजार क्विंटल खरीदी की क्षमता
साइलो केंद्र की प्रतिदिन लगभग 20 हजार क्विंटल गेहूं उपार्जन की क्षमता है। यहां 22 उपार्जन केन्द्रों से जुड़े करीब साढ़े 6 हजार किसानों की उपज खरीदी जाएगी। ट्रैक्टर-ट्रॉली में ही गुणवत्ता परीक्षण और सीधे साइलो में तौल की सुविधा से किसानों का समय भी बच रहा है।
आधुनिक तकनीक से लैस है साइलो केंद्र
साइलो केंद्र पर टोकन प्रणाली के आधार पर किसानों को प्रवेश दिया जाता है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, सैंपलिंग, गुणवत्ता परीक्षण और क्यूआर कोड जारी किया जाता है। धर्मकांटा पर तौल और फोटो कैप्चर के बाद ट्रॉली डंपिंग पिट पर पहुंचती है, जहां गेहूं खाली किया जाता है। केंद्र में 4 बैगर मशीनें और 10 क्रेन कार्ड मशीनें स्थापित हैं, जो पूरी प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाती हैं।
खरीदी केन्द्रों पर सुविधाओं का लिया जायजा
रीठी के उपार्जन केन्द्रों में कलेक्टर ने किसानों के लिए छायादार स्थान, पेयजल, तौल कांटा, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण सहित साफ-सफाई की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
समर्थन मूल्य के साथ बोनस का लाभ
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी की जा रही है। किसानों से साफ और गुणवत्तायुक्त उपज लाने की अपील भी की गई है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम बहोरीबंद श्री राकेश कुमार चौरसिया, जिला आपूर्ति अधिकारी सज्जन सिंह परिहार, सहायक आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।