सहारनपुर
सहारनपुर: थाना देवबंद क्षेत्र का गांव लालवाला बीते दिनों उस समय तनाव की आग में झुलसने लगा, जब वर्षों पुराने जमीन विवाद को कुछ असामाजिक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से जातीय संघर्ष में बदलने की कोशिश की- लेकिन जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन के कुशल नेतृत्व, सटीक रणनीति और तेज़ प्रशासनिक कार्रवाई ने इस बड़ी साजिश को समय रहते बेनकाब कर दिया- जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान व SSP अभिनन्दन की संयुक्त प्रेसवार्ता में खुलासा किया गया कि करीब 15 वर्ष पुराने भूमि विवाद को कुछ लोगों ने अफवाहों, जातीय उकसावे और भीड़ जुटाकर हिंसक रूप देने की कोशिश की- आरोपियों ने गांव में लाउडस्पीकर से घोषणाएं कर माहौल भड़काया और संत रविदास व डॉ. भीमराव आंबेडकर के बोर्ड लगाकर सामाजिक तनाव फैलाने का प्रयास किया- इसके बाद बड़ी संख्या में लोग ट्रैक्टर, लाठी-डंडे, सरिया और पत्थरों के साथ मौके पर पहुंचे और हमला कर दिया- स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाकर जान लेने तक की कोशिश की गई- लेकिन यही वह क्षण था, जहां प्रशासन की सजगता और नेतृत्व की असली परीक्षा थी- डीएम अरविन्द कुमार चौहान और एसएसपी अभिनन्दन ने बिना समय गंवाए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया- भारी पुलिस और पीएसी बल की तैनाती की गई तथा सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और सीडीआर के आधार पर पूरी साजिश की परतें खोली गईं- पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ शेरा समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून का शिकंजा कस दिया- यह कार्रवाई केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश भी है कि उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं- प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति और पुलिस की सतर्क रणनीति ने न केवल एक बड़े जातीय संघर्ष को रोका, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जब नेतृत्व मजबूत हो, तो साजिशें ज्यादा देर तक छिप नहीं सकतीं!
रमेश सैनी आशीष सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़