दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह)
जनसंघ के दौर के प्रतिष्ठित पत्रकार, समाजसेवी और होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. गणेश सिंह का 20 मई की शाम लगभग छह बजे हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे 95 वर्ष के थे। डॉ. सिंह का 5 जुलाई 1931 को जन्म हुआ था और इन्होंने लखनऊ से बीएचएमएस की डिग्री हासिल कर जीवन भर गरीब एवं जरूरतमंदों का निशुल्क व किफायती इलाज करते रहे।डॉ. सिंह न केवल चिकित्सकीय सेवा के लिए जाने जाते थे, बल्कि पत्रकारों में भी उनकी अलग पहचान थी। वे अपने पत्रकार मित्र स्व. जगदीश प्रसाद उर्फ ब्रह्मचारी के साथ जनसंघ के समय से स्थानीय व प्रादेशिक स्तर पर समाचार व सूचनाओं के आदान‑प्रदान में सक्रिय रहे और दुद्धी में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका निभाई। उनके निधन से स्थानीय पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में एक युग का अंत माना जा रहा है।समाज‑धार्मिक कार्यों में भी डॉ. सिंह अग्रणी रहे। श्री पंचदेव मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने मंदिर के कायाकल्प और समुचित प्रबंध के लिए वर्षों तक प्रयास किए। उनके नेतृत्व में प्रस्तावित मन्दिर कायाकल्प का कार्य लगभग दो करोड़ रूपये अनुमानित लागत से चल रहा था।जनसंघ के स्वयंसेवक के रूप में सक्रिय रहने के कारण उन्होंने स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों को मार्गदर्शन भी दिया। उनकी सामाजिक व धार्मिक सक्रियता के कारण भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा अन्य सामाजिक‑धार्मिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई। डॉ. सिंह का अंतिम संस्कार आज बृहस्पतिवार कनहर‑ठेमा नदी के संगम तट पर कर दिया गया।जहां पंचतत्व में विलीन हो गए। शोक संतप्त परिवार के साथ स्थानीय समाज, प्रशंसक और मित्रगण उपस्थित रहे।दुद्धी की समाजसेवा व पत्रकारिता की दुनिया ने एक युगपुरुष को खो दिया है; उनके योगदान को लंबे समय तक स्मरण रखा जाएगा।