इंडियन टीवी न्यूज़ सुशील चौहान
विकासखंड बैहर की ग्राम पंचायत नव्ही में एक नाबालिग बालिका का बाल विवाह समय रहते रोक दिया गया।महिला एवं बाल विकास विभाग पुलिस विभाग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिका के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग दीपमाला मंगोदिया के निर्देशन में बाल विवाह की सूचना मिलते ही संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।टीम में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रीति हरिनखेड़े जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलेंटियर मानिकराम टेकाम पुलिस विभाग से सतीश टेकाम एवं नसीब धुर्वे तथा ग्राम पंचायत नव्ही के सरपंच मुकेश मरावी शामिल थे।
जांच के दौरान बालक और बालिका के शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया।इसमें बालिका की आयु 17 वर्ष 5 माह तथा बालक की आयु 22 वर्ष 7 माह पाई गई।पूछताछ में पता चला कि दोनों की पहचान लगभग एक वर्ष पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी।समय के साथ उनकी मित्रता प्रेम संबंध में बदल गई और दोनों ने विवाह करने का निर्णय लिया।इसी दौरान बालिका बिना परिजनों को बताए बालक के घर पहुंच गई थी।
सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने दोनों पक्षों के परिजनों को बुलाकर बाल विवाह की कानूनी स्थिति से अवगत कराया।टीम ने बाल विवाह के दुष्परिणामों शिक्षा और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी।साथ ही बताया गया कि बाल विवाह कराना उसमें सहयोग करना या उसे बढ़ावा देना कानूनन दंडनीय अपराध है।
समझाइश और कानूनी परामर्श के बाद बालिका अपने परिजनों के साथ घर लौटने के लिए सहमत हो गई।उसने यह भी आश्वासन दिया कि वैधानिक आयु पूर्ण होने के बाद ही विवाह संबंधी निर्णय लेगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने आमजन से अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या महिला हेल्पलाइन 181 पर जानकारी दें ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।