90 विवेचनाओं की समीक्षा, प्रेम प्रसंग से जुड़े छह अपहरण मामलों में 15 जुलाई तक प्रगति के निर्देश
स्टेट रिपोर्टर (उत्तर प्रदेश) – शुभम चौबे
बरेली। जनपद में अपराधों की विवेचना को अधिक प्रभावी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बुधवार को लंबित विवेचनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान कुल 90 विवेचनाओं का परीक्षण किया गया, जिसमें कई मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर एसएसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए चार उपनिरीक्षकों के कार्यों की प्रारंभिक जांच के आदेश जारी कर दिए। वहीं, प्रेम प्रसंग से जुड़े छह लंबित अपहरण मामलों में अपहृताओं की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कर 15 जुलाई तक हर हाल में ठोस प्रगति दिखाने के निर्देश दिए गए।एसएसपी अनुराग आर्य ने संबंधित क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों तथा 24 विवेचकों के साथ बैठक कर प्रत्येक विवेचना की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विवेचनाएं साक्ष्य आधारित, निष्पक्ष एवं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो।चार उपनिरीक्षकों के खिलाफ प्रारंभिक जांच समीक्षा के दौरान थाना फरीदपुर में तैनात उपनिरीक्षक दयानंद शर्मा एवं उपनिरीक्षक सौरभ सिवाच, तथा थाना कैंट में तैनात उपनिरीक्षक भीष्म सिंह एवं उपनिरीक्षक इंतजार हुसैन की विवेचनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उनके कार्यों के संबंध में प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।प्रेम प्रसंग से जुड़े छह मामलों पर विशेष निगरानी बैठक में प्रेम प्रसंग से संबंधित छह ऐसे अपहरण मामलों की अलग से समीक्षा की गई, जिनमें अब तक अपहृताओं की बरामदगी नहीं हो सकी है। एसएसपी ने प्रत्येक मामले के लिए अलग-अलग पुलिस टीम गठित कर प्रभावी कार्रवाई करने तथा शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।15 जुलाई को होगी दोबारा समीक्षा एसएसपी ने निर्देश दिए कि संबंधित थानों की विवेचनाओं की पुनः समीक्षा 15 जुलाई 2026 को की जाएगी। इस दौरान उत्कृष्ट एवं समयबद्ध विवेचना करने वाले विवेचकों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।एसएसपी बोले— गुणवत्तापूर्ण विवेचना ही न्याय की आधारशिलाn वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कहा कि विवेचनाओं की गुणवत्ता और उनका समयबद्ध निस्तारण पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रत्येक विवेचना कानूनी मानकों के अनुरूप, साक्ष्य आधारित और निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना सुनिश्चित करें।