राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी जिले के रीठी विकासखंड में सोमवार को कलेक्टर आशीष तिवारी का औचक निरीक्षण प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता—दोनों की मिसाल बनकर सामने आया। एक ओर उन्होंने राजस्व मामलों में लापरवाही मिलने पर दो पटवारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर स्कूल पहुंचकर छात्रों को अंग्रेजी और संविधान का पाठ पढ़ाया।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने बिलहरी उप तहसील कार्यालय पहुंचकर राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अतिरिक्त तहसीलदार से लंबित मामलों की जानकारी ली और खसरा अभिलेखों का स्वयं मिलान कर आदेशों के क्रियान्वयन की जांच की।
निरीक्षण के दौरान ग्राम नौआपटी के नामांतरण प्रकरण में आदेश का सही पालन नहीं मिलने पर संबंधित पटवारी आशीष शर्मा के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम कैमोरी के सीमांकन प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर तत्कालीन पटवारी अवध मिश्रा के खिलाफ भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जहां किसी प्रकार का वैधानिक विवाद नहीं है और सभी पक्षकार सहमत हैं, वहां सीमांकन के साथ ही नक्शा बटांकन की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी हितग्राहियों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद कलेक्टर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बांधा पहुंचे, जहां उनका अलग ही रूप देखने को मिला। वे सीधे कक्षा 12वीं में पहुंचे और शिक्षक की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों को अंग्रेजी का पाठ पढ़ाया। उन्होंने छात्रों से पाठ पढ़वाया, उसका हिंदी अनुवाद कराया और सरल भाषा में विषय की बारीकियां समझाईं।
इतना ही नहीं, कलेक्टर ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में वर्णित नागरिकों के मूल कर्तव्यों की जानकारी देते हुए उन्हें जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने का संदेश भी दिया।
विज्ञान की कक्षा में पहुंचकर उन्होंने पाचन तंत्र से जुड़े सवाल पूछे और विद्यार्थियों की विषयगत समझ का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शौचालय, अन्य मूलभूत सुविधाओं और डिजिटल पैनल के माध्यम से संचालित शिक्षण व्यवस्था का भी जायजा लिया तथा आधुनिक शिक्षण पद्धति की सराहना की।
रीठी क्षेत्र के इस निरीक्षण ने साफ कर दिया कि जिला प्रशासन अब लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ शिक्षा और सुशासन की गुणवत्ता पर भी समान रूप से फोकस कर रहा है।