किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में वन विभाग में रेंजर की नौकरी लगाने के नाम पर ₹8 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। भिलाई भट्ठी पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों ने नौकरी लगाने का झांसा देकर रकम लेने के बाद मंत्रालय से जारी नियुक्ति प्रमाण पत्र बताकर फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था।
2023 में दिया था नौकरी का झांसा
भिलाई के सेक्टर-2 निवासी दिनेश कुमार ने 9 अगस्त को भिलाई भट्ठी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2023 में आरोपियों ने उनके बेटे को वन विभाग में रेंजर के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके एवज में आरोपियों ने उनसे कुल ₹8 लाख लिए।
विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने मंत्रालय से जारी नियुक्ति प्रमाण पत्र बताकर एक फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र भी दिनेश कुमार को सौंप दिया।
तीन साल तक रकम लौटाने में करता रहा टालमटोल
नौकरी नहीं लगने पर जब दिनेश कुमार ने अपनी रकम वापस मांगी तो कांकेर निवासी भारतेंदु मेश्राम लगातार करीब तीन साल तक उन्हें टालता रहा। काफी समय बीतने के बाद दिनेश को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने भिलाई भट्ठी थाने पहुंचकर पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ा
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और भारतेंदु मेश्राम, भिलाई के कोहका निवासी हनी श्रेष्ठ और बालोद निवासी भोजेन्द्र कुमार को हिरासत में लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद तीनों को 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस अब फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र तैयार करने और इस तरह की अन्य ठगी में आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।