रामजी तिवारी मड़ावरा
जिला ब्यूरो ललितपुर
ललितपुर-श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण व श्रीरूद्रमहायज्ञ आयोजन में रविवार को श्रद्धालुओं ने 30लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण किया।वहीं प्रातःकालीन बेला में श्रीरूद्रमहायज्ञ में पीठ पूजन किया गया।पूजन प्रधान यजमान हरीशंकर साहू ने किया।
तत्पश्चात श्रीरामकथा सुनाते हुए कथाव्यास चन्द्रभूषण पाठक कहाकि संतों के दर्शन से मनुष्य का मंगल होता हैं।उसके जीवन मे सकारात्मक आतीं हैं।इसलिए मनुष्य को संतों,गुरू के सानिध्य में सत्संग का धर्मलाभ लेना चाहिए।उन्होंने कहाकि जीवन मे अशांति,परेशानियां तब शुरु हो जाती है जब मनुष्य के जीवन मे सत्संग नही होता।जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए मनुष्य को जीवन मिला था।उससे वह भटक गया हैं।उन्होंने कहाकि जीवन मिला था प्रभु का होने ओर प्रभु को पाने के लिए लेकिन मनुष्य माया का दास बनकर माया की प्राप्ति के लिए इधर उधर भटकने लगता है—और इस तरह मनुष्य का ये बहुमूल्य जीवन नष्ट हो जाता है।जिस अनमोल रतन मानव जीवन को पाने के लिए देवता लोग भी तरसते रहते है उस जीवन को मनुष्य व्यर्थ मे गवां देता है।देवताओं के पास के पास भोगो की कमी नही है लेकिन फिर भी देवता लोग मनुष्य जीवन जीना चाहते है क्योकि मनुष्य देह पाकर ही भक्ति का पूर्ण आनंद ओर भगवान की सेवा ओर हरि कृपा से सत्संग का सानिध्य मिलता है।उन्होंने कहाकि संतो के संग से मिलने वाला आनंद तो बैकुण्ठ मे भी दुर्लभ है।
मानसमे भी लिखा है की–
तात स्वर्ग अपवर्ग सुख धरि तुला एक अंग। तुल न ताहि सकल मिलि जो सुख लव सतसंग।।
हे तात ! स्वर्ग और मोक्ष के सब सुखों को तराजू के एक पलड़े में रखा जाये ते भी वे सब सुख मिलकर भी दूसरे पलड़े में रखे हुए उस सुख के बराबर नहीं हो सकते, जो क्षण मात्र के सत्संग से मिलता है।’सत्संग की बहुत महिमा है,, सत्संग तो वो दर्पण है जो मनुष्य के चरित्र को दिखाता है ओर साथ साथ चरित्र को सुधारता भी है।सत्संग से मनुष्य को जीवन जीने का तरीका पता चलता है।सत्संग से ही मनुष्य को अपने वास्तविक कर्यव्य का पता चलता है
।श्रीरामचरितमानस की महाआरती मुख्य यजमान डाॅ अनूप श्रीवास्तव,डाॅ रानी श्रीवास्तव ने की।इस दौरान देश के विभिन्न स्थलों से आये संतो द्धारा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया।
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सावन के अंतिम सोमवार को होगा भगवान शिव का सहस्त्रार्चन
श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर सावन के अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ का सहस्त्रार्चन किया जायेगा।जिसमें भगवान का एक हजार सामग्री अर्पित होगी एवं महारूद्राभिषेक होगा।इस अवसर भगवान के विशाल पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा हैं।जिसका अभिषेक किया जायेगा।