बेतनटी। बेतनटी क्षेत्र के साहित्य प्रेमियों को लेकर गठित साहित्यिक संस्था मयूर साहित्य संसद के तत्वावधान में रविवार को स्थानीय विवेकानंद शिक्षाकेंद्र परिसर में ‘भंजभूमि के साहित्य साधक’ विषय पर एक सारगर्भित साहित्य चर्चा का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में साहित्य संसद के सचिव नीरद सुंदर जेना ने प्रारंभिक जानकारी देते हुए भंजभूमि की समृद्ध कला, साहित्य तथा साहित्य साधकों के योगदान पर प्रकाश डाला। संसद के अध्यक्ष तथा कवि भास्कर द्विवेदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भंजभूमि के गौरव कवि चिंतामणि बेहरा की रचनाओं एवं काव्य प्रतिभा पर विस्तार से चर्चा की।कृष्णचंद्रपुर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या डॉ. मंदाकिनी साहू ने कथाकार बसंत कुमार शतपथी के कहानी साहित्य पर महत्वपूर्ण तथ्य एवं विचार प्रस्तुत किए। कवयित्री सविता महाड़ी ने मयूरभंज की विशिष्ट नाटककार आनंदशंकर दास की नाट्य प्रतिभा एवं साहित्यिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की।कथाकार परशुराम साहू ने भंजभूमि की साहित्य साधिका दुर्गावती त्रिपाठी की रचनाओं एवं साहित्यिक उपलब्धियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। कवि गौतम चंद्र बेहरा ने कथाकार बसंत कुमार शतपथी के जीवन तथा उनके साहित्यिक दर्शन के बारे में जानकारी दी।राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित लेखक सच्चिदानंद महांती ने भंजभूमि की साहित्यिक सुगंध पंडित लक्ष्मीधर राउत के साहित्यिक जीवन एवं योगदान के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।साहित्य चर्चा में कवि प्रियानाथ पाणि, सहदेव गिरि, सुशांत कुमार कर, हरिश्चंद्र दास, कमललोचन कर सहित अनेक साहित्य प्रेमी एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में संसद की सह-सचिव सौदामिनी पंडा ने कथाकार जगदीश महांती के साहित्यिक जीवन एवं कृतित्व पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए साहित्य चर्चा के सफल समापन की घोषणा की।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।