मयूरभंज, 21 सितंबर: मयूरभंज जिले के उदला उपखंड अंतर्गत खुंटा ब्लॉक के बिसीपुर आश्रम विद्यालय से छात्रावास की बदहाल व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि पिछले दो महीने से अधिक समय से छात्रावास में पेयजल की समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही बिजली की समस्या से भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, भोजन में पोके चावल का इस्तेमाल कर भात परोसे जाने का भी आरोप लगाया गया है।समस्याओं की बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए छात्रावास के छात्र-छात्राएं सोमवार को विद्यालय से बाहर निकल पड़े और अधिकारियों से अपनी समस्याएं बताने के लिए करीब 8 किलोमीटर पैदल चलकर उदला-बारिपदा राज्य राजमार्ग तक पहुंचे।जानकारी के अनुसार, बिसीपुर आश्रम विद्यालय के छात्रावास में करीब 100 छात्र और 150 छात्राएं रहकर पढ़ाई करते हैं। छात्र-छात्राओं का कहना है कि लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। पानी के साथ बिजली की समस्या के कारण दैनिक जीवन और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं।भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल-छात्र-छात्राओं ने छात्रावास में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि पोके चावल से भात बनाकर उन्हें खाने के लिए दिया जा रहा है। छात्रों के अनुसार, इस संबंध में छात्रावास की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारियों और मेट्रोन को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।एक छात्र/छात्रा ने कहा, “हमें ठीक से पानी नहीं मिल रहा है। बिजली की भी समस्या है। खाने के लिए पोके चावल का भात दिया जा रहा है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।”छात्रों के अनुसार, छात्रावास की मेट्रोन ने भी इन समस्याओं की जानकारी प्रधानाध्यापक को दी थी। हालांकि, शिकायत के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने का आरोप लगाया गया है।प्रधानाध्यापक पर भी गंभीर आरोप -छात्र-छात्राओं ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक के व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि कई बार प्रधानाध्यापक नशे की हालत में विद्यालय आते हैं और छात्रों के साथ गाली-गलौज करते हैं। कुछ छात्रों ने विद्यालय परिसर में शराब पीने का भी आरोप लगाया है।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सके।8 किलोमीटर पैदल निकले छात्र लगातार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने पर छात्रावास के छात्र-छात्राएं एकजुट होकर विद्यालय से बाहर निकल गए। उनका उद्देश्य मयूरभंज जिलाधिकारी के अलावा कल्याण विस्तार अधिकारी तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताना था।करीब 8 किलोमीटर पैदल चलने के बाद जब छात्र-छात्राएं उदला-बारिपदा राज्य राजमार्ग पर पहुंचे, तो पुलिस और विद्यालय प्रशासन ने उन्हें रोककर समझाने का प्रयास किया।बताया जा रहा है कि कुछ छात्र-छात्राओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे छात्रावास वापस नहीं लौटेंगे।प्रशासन के सामने कई सवालइस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि जिस आश्रम विद्यालय के छात्रावास में सैकड़ों छात्र-छात्राएं रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, वहां दो महीने से अधिक समय तक पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की समस्या क्यों बनी रही?यदि भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं, तो भोजन की गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं की गई? वहीं, प्रधानाध्यापक के खिलाफ लगाए गए नशे की हालत में विद्यालय आने और विद्यालय परिसर में शराब पीने जैसे गंभीर आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।छात्र-छात्राओं की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन से छात्रावास में पेयजल, बिजली और भोजन की गुणवत्ता की तत्काल जांच करने तथा संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है। साथ ही छात्रों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है।बिसीपुर आश्रम विद्यालय से सामने आए इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। हालांकि, बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सैकड़ों छात्र-छात्राओं का करीब 8 किलोमीटर पैदल निकलना छात्रावास प्रबंधन और प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट।