खुर्जा,बुलंदशहर। विभिन्न स्थानीय समस्याओं और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने खुर्जा तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी (SDM) कार्यालय के सामने ज़ोरदार प्रदर्शन करते हुए महापंचायत का आयोजन किया। इस महापंचायत में किसान 50 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ तहसील पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया।
किसान नेताओं ने बिजली विभाग, लेखपाल, तहसीलदार तथा बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण (BKDA) के अधिकारियों व कर्मचारियों पर किसानों को परेशान करने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान संघ का कहना है कि दाख़िल-खारिज व रजिस्ट्री कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है और संक्रमणीकरण व ज़मीन एग्रीमेंट के नाम पर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। महापंचायत में उठाए गए मुख्य मुद्दे:निराश्रित पशुओं की समस्या: औरंगाबाद में लगभग 3500 बीघा ग्राम समाज की भूमि पर विचरण करने वाले 200-250 बेसहारा पशु किसानों की 100-200 बीघा खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बिजली बिल में बढ़ोतरी: 2 और 3 किलोवाट के स्वीकृत बिजली कनेक्शनों का भार बिना सहमति के बढ़ाकर 4 से 5 किलोवाट कर दिया गया है। तालाब की ज़मीन पर अवैध निर्माण: एनएस प्लाजा सहित तालाब की लगभग 50 बीघा भूमि पर अवैध मैरिज होम व होटल निर्माण/लीज देने का मुद्दा उठाया गया। BKDA की कार्रवाई: किसानों द्वारा हाईवे किनारे बनाई गई छोटी दुकानों को BKDA द्वारा सील किए जाने पर रोष व्यक्त किया गया। सड़कों व कानून व्यवस्था की स्थिति: क्षेत्र की जर्जर सड़कें, सहारनपुर गांव के मंदिर से घंटे चोरी और नौरंगा गांव से जुड़े पुलिस मामलों को प्राथमिकता से हल करने की मांग की गई।भाकियू (टिकैत) के ज़िला अध्यक्ष चौधरी अरब सिंह ने मीडिया से वार्ता में कहा:”तहसील में भ्रष्टाचार और किसानों के उत्पीड़न को लेकर यह महापंचायत की जा रही है। यदि प्रशासन व संबंधित अधिकारियों के साथ वार्ता में हमारी समस्याओं का सकारात्मक समाधान नहीं निकाला जाता, तो यह धरना अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा।”