इतिहास कभी-कभी ऐसे महान व्यक्तित्वों को जन्म देता है, जो अपना संपूर्ण जीवन दूसरों की सेवा और समाज के कल्याण के लिए समर्पित कर देते हैं। वे केवल शब्दों से नहीं, बल्कि अपने कार्यों से मानवता और परोपकार का वास्तविक अर्थ समझाते हैं। ऐसे ही महान समाजसेवी और गरीबों के सच्चे मित्र उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास की 149वीं जयंती के अवसर पर बारीपदा स्थित गोपबंधु भवन में सद्भावना समिति की ओर से एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह की अध्यक्षता समिति के कोषाध्यक्ष संदीप कुमार चांद ने की। कार्यक्रम का उद्घाटन बारीपदा के नगरपाल कृष्णानंद महांति ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वास्तव में वही लोग पूजनीय हैं, जिनके कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक होते हैं और जो निस्वार्थ भाव से जनसेवा करते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाराजा प्रवीण चंद्र भंजदेव उपस्थित रहे। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि समाज सेवा कोई व्यवसाय नहीं, बल्कि एक सच्ची साधना और जीवन का उद्देश्य है। निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सहायता करना ही समाज सेवा का वास्तविक स्वरूप है।
मुख्य वक्ता के रूप में अतिरिक्त उपजिलापाल राखाल चंद्र परिड़ा ने गोपबंधु दास के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गरीबों और दुखियों की पीड़ा को अपनी लेखनी और कर्मों के माध्यम से व्यक्त करने वाले गोपबंधु दास वास्तव में दरिद्रों के सच्चे मित्र थे। उनका जीवन मानवता, त्याग, सेवा और सामाजिक समर्पण का अनुपम उदाहरण है।
सम्मानित वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विजय कुमार अग्रवाल ने भी गोपबंधु दास के जीवन दर्शन और उनके समाज सुधार संबंधी विचारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि गोपबंधु दास के आदर्श आज भी समाज को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर सद्भावना समिति के संस्थापक एवं मानव धर्म के साधक धर्मरत्न पूर्णचंद्र बुगुडेई ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक समाज के सबसे निचले और वंचित वर्ग के लोगों का उत्थान नहीं होगा, तब तक एक बेहतर समाज की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि समाज के अंतिम व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए, तभी आने वाला कल आज से बेहतर बन सकता है। अन्यथा यह समाज की एक बड़ी भूल होगी।
समारोह के दौरान समिति की ओर से समाजसेवी रामचंद्र शाकुनिया को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। उनके सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए जनसेवा के क्षेत्र में उनके प्रयासों को सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम में गोपबंधु भवन के पुनरुद्धार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सद्भावना समिति की ओर से भवन के पुनरुद्धार के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव पर बारीपदा के नगरपाल कृष्णानंद महांति ने सहमति जताई। उन्होंने इस दिशा में आगे की कार्रवाई के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की बात कही।
कार्यक्रम के अंत में समिति के सदस्य मनोज कुमार पंडा ने उपस्थित अतिथियों और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
गोपबंधु दास की जयंती पर आयोजित इस समारोह ने समाज में सेवा, त्याग, मानवता और गरीबों के उत्थान के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट।