गांवों में पक्के मार्ग, कम्युनिटी हॉल और जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
उरई, जालौन। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को जनपद जालौन में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाएं गांवों की जरूरतों के अनुरूप संचालित की जाएं, जिससे ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने विकसित भारत जी राम जी के अंतर्गत रोजगार सृजन की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही 12 अक्टूबर को आयोजित विशेष रोजगार सृजन दिवस के परिणामों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रमिकों की मांग के अनुसार उन्हें लगातार रोजगार उपलब्ध कराया जाए और रोजगार सृजन की गति बनाए रखी जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों को कच्चे मार्गों से हटाकर पक्के मार्गों से जोड़ने तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम्युनिटी हॉल के निर्माण पर विशेष ध्यान देने को कहा। जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का गांव-गांव तक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र युवाओं को लाभान्वित करने पर जोर दिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और विभिन्न विभागीय योजनाओं के समन्वय से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आपदा प्रभावित परिवारों, विधवा महिलाओं तथा अन्य विशेष श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर भी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने टीएचआर (टेक होम राशन) प्लांट के आसपास लघु एवं कुटीर उद्योगों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से मसाला उद्योग और टीएचआर प्लांट में आपूर्ति की जाने वाली अन्य सामग्री से जुड़े स्थानीय उद्योग विकसित करने पर जोर दिया। इससे महिलाओं की आय बढ़ाने और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने का उद्देश्य है।
केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बरती जाए और पात्र परिवारों को लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीडीओ निशांत पाण्डेय सहित समस्त खंड विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
