भोपाल/ गुना
मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण की बहाली को लेकर ओबीसी महासभा ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के आह्वान पर 15 अक्टूबर 2026 को प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें 27 प्रतिशत आरक्षण बहाल करने के लिए प्रभावी कानूनी और संवैधानिक कदम उठाने की मांग की गई।
ओबीसी महासभा के अनुसार, प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का मामला वर्ष 2019 से न्यायालय में विचाराधीन है। तत्कालीन राज्य सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए अध्यादेश लाया था, जिसके बाद विधायी प्रक्रिया भी अपनाई गई थी।
महासभा ने बताया कि 9 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर के फैसले में 27 प्रतिशत आरक्षण संबंधी संशोधन को असंवैधानिक ठहराते हुए निरस्त कर दिया गया और ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत रखने का निर्णय दिया गया। इसके बाद 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे ओबीसी समाज और प्रभावित अभ्यर्थियों में चिंता व्याप्त है।
ज्ञापन में महासभा ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, राज्य सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी करे। दूसरी, 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए नया विधायी प्रावधान लाने हेतु विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए। तीसरी, ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।
महासभा ने कहा कि वह वर्ष 2019 से सामाजिक न्याय, समान अवसर और ओबीसी युवाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश के सभी जिलों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
गुना जिला से गोलू सेन की रिपोर्ट।