₹5 करोड़ के विज्ञान केंद्र पर उठे सवाल! निर्माण रोककर पहले समीक्षा कराने की मांग, मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
बालोद/डौंडी। बालोद जिले में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विज्ञान केंद्र के निर्माण को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। परियोजना के निर्माण पर रोक लगाने और आगे की कार्रवाई से पहले इसकी समीक्षा कराने की मांग उठाते हुए राकेश कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इस मांग के सामने आने के बाद विज्ञान केंद्र परियोजना की उपयोगिता, आवश्यकता और जनहित से जुड़े पहलुओं पर चर्चा शुरू हो गई है।
आखिर निर्माण से पहले समीक्षा की मांग क्यों?
विज्ञान केंद्र जैसी परियोजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें प्रयोगों के माध्यम से सीखने का अवसर देना होता है। ऐसे में यह सवाल महत्वपूर्ण है कि प्रस्तावित केंद्र का स्थान, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं, बजट और भविष्य में इसके संचालन की व्यवस्था कितनी प्रभावी होगी।
राकेश कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। हालांकि, परियोजना पर रोक लगेगी या नहीं और सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेगी, यह संबंधित विभागों की समीक्षा और शासन के रुख पर निर्भर करेगा।
अब इन सवालों पर चाहिए जवाब
– लगभग ₹5 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना की आवश्यकता का आकलन किस आधार पर किया गया?
– परियोजना के लिए स्थान का चयन किन मानकों के आधार पर हुआ?
– विज्ञान केंद्र से जिले के विद्यार्थियों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
– निर्माण के बाद केंद्र के संचालन, रखरखाव और उपयोग की क्या योजना है?
– क्या निर्माण से पहले उठाई गई आपत्तियों और समीक्षा की मांग पर संबंधित विभाग अपना पक्ष रखेंगे?
अब निगाह शासन के अगले कदम पर है। विज्ञान केंद्र का निर्माण जारी रहेगा या पहले इसकी समीक्षा होगी, इस पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। फिलहाल, परियोजना को लेकर उठी मांग ने विकास कार्यों में बजट के साथ-साथ उपयोगिता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर चर्चा को महत्वपूर्ण बना दिया है।






