उरई(जालौन):
रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि प्रेम, सम्मान और अपनत्व से भी बनते हैं। इसी भाव को साकार करते हुए ‘हमारी उम्मीद मिशन’ ने एक बार फिर वृद्धाश्रम में बच्चों और बुजुर्गों के बीच खुशियां साझा कीं। जिलाधिकारी समीर के मार्ग दर्शन एवं सामाजिक संवेदन शीलता की भावना से प्रेरित इस पहल में बच्चों ने बुजुर्गों के साथ विभिन्न मनोरंजक खेलों में भाग लिया। बच्चों की मासूम मुस्कान और बुजुर्गों के स्नेह ने वातावरण को आनंदमय बना दिया।उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व संस्था के बच्चों ने वृद्धाश्रम में अपनी पसंद के बुजुर्गों को दादा-दादी के रूप में चुनकर उनके साथ पत्तियों आसे कलाकृतियां बनाने की गतिविधि ‘लीफ आर्ट’ की थी। बच्चों और बुजुर्गों के बीच प्रेम एवं भावनात्मक जुड़ाव की इस पहल की जिलाधिकारी समीर ने सराहना की थी। इसी प्रोत्साहन से उत्साहित होकर संस्था की टीम दोबारा वृद्धाश्रम पहुंची और खेलों के माध्यम से बुजुर्गों के साथ खुशनुमा पल बिताए।कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों ने भी पूरे उत्साह से खेलों में भाग लिया। बच्चों के साथ समय बिताकर उनके चेहरों पर खुशी झलकी। इस पहल ने संदेश दिया कि बुजुर्गों को सुविधाओं के साथ-साथ स्नेह, सम्मान और अपनेपन की भी आवश्यकता होती है। संस्था की संस्थापक एवं संचालिका अवंतिका तिवारी ने कहा कि जिलाधिकारी समीर की सराहना संस्था के लिए प्रेरणा दायक है। ‘हमारी उम्मीद मिशन’ का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनमें मानवीय संवेदना, सामाजिक जिम्मेदारी और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी है। संस्था भविष्य में भी ऐसे प्रयासों के माध्यम से पीढ़ियों के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने के लिए कार्य करती रहेगी।
(अनिल कुमार ओझा, ब्यूरो प्रमुख, ITN news)
