धार जिले के धरमपुरी नगर में इस समय नगर परिषद के द्वारा नगर सौंदर्यीकरण के तहत डामरीकरण का कार्य चल रहा है, सौंदर्यीकरण के काम में बाल मजदूरी करते हुए 16 वर्षीय बालक दिखा, खास बात तो यह रही कि यह कार्य नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि की निगरानी में हो रहा है, क्या इन जवाबदार व्यक्तियों का काम केवल नगर में हो रहे कामों पर है, इन लोगों की यह भी जिम्मेदारी बनती है कि ठेकेदारी में काम करने वाला आखिर कोई बाल मजदूर तो नहीं, क्योंकि समय-समय पर नगरपालिका अपने अमले के साथ में जागरूकता कार्यक्रम चलाता है, ऐसे में बाल मजदूरी करता यहां बालक जागरूकता के कार्यक्रमों पर कई सवाल खड़े कर रहा है, क्या केवल खानापूर्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं, नगर पालिका के अमले और अध्यक्ष प्रतिनिधि की आंखों के सामने बाल मजदूरी करता हुआ नाबालिक बालक क्या उन्हें दिखाई नहीं दिया ठेकेदार की यह बड़ी लापरवाही है, आपको बता दें कि इस बच्चे की उम्र महज 16 साल है, जो कि गुजरी का रहने वाला है वह एक स्कूल का छात्र है पढ़ाई के समय वहां गरम डामर के बीच में अपना पसीना बहाकर पेट पालने की कोशिश कर रहा है या फिर उसे जबरदस्ती काम करवाया जा रहा है यह तो ठेकेदार ही बता पाएगा परंतु बाल मजदूरी करते हुए इस बालक का जो वीडियो सामने आया है उससे तो यही लग रहा है कि धरमपुरी नगर और धार जिले में बाल मजदूरी कराना सरकारी नियमों में वैध माना जाता है, अब देखने वाली बात यह होगी कि बाल मजदूरी की यह तस्वीर सामने आने के बाद क्या ठेकेदार पर कोई कार्रवाई होती है साथ ही नगर परिषद के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की निगरानी में जो काम चल रहा है उन पर भी कार्रवाई प्रशासनिक तौर पर की जाती है या फिर दिया तले अंधेरा वाली कहावत सत्य होगी नगर परिषद के सीएमओ से बात करने पर बताया गया कि बाल मजदूरी करना या ना करना यह ठेकेदार का काम हे इसमें हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं|
इंडियन टीवी न्यूज़ धार से शिवाजी चौहान