जनपद फतेहपुर न्यूज़।
दीपक मिश्रा रिपोर्ट, राम जी कैमरा मैंन के साथ इंडियन टीवी न्यूज चैनल
राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दो दिवसीय का हुआ शुभारंभ
राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दो दिवसीय का हुआ शुभारंभ
बिंदकी फतेहपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी विषय भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में आनलाइन शिक्षण अद्यिगम का प्रभाव विषयक सेमीनार का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो0 मीनाक्षी बाजपेयी, मुख्य अतिथि, प्रोफेसर आर0 के0 मिश्रा लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, कीनोट स्पीकर, डाॅ0 राजेश कुमार गर्ग, हिन्दी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज माँ सरस्वती की प्रतिमा दीप प्रज्ज्वलन तथा माल्यार्पण कर किया। महाविद्यालय की प्राचार्या ने विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों से आये सभी विद्वानजनों का भाषण में स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में आनलाइन शिक्षण अद्यिगम समय की मांग है तथा सरकार द्वारा भी इस अद्यिगम को प्रभावी बनाने हेतु सतत् प्रयास जारी है।
मुख्य अतिथि प्रो0 आर0 के0 मिश्रा ने कहा कि आनलाइन शिक्षण पद्धति को भारत में एक आपात धर्म के रूप में स्वीकार किया गया हैै इसे सामान्य धर्म मंे नही बदलना चाहिए। उन्होने कहा कि तकनीकि का प्रयोग एक साधन के रूप में प्रयोग करना उचित होगा किन्तु यह साध्य बन जाये तो इसका दुरूपयोग होगा कीनोट स्पीकर, इलाहबाद विश्वविद्यालय के प्रो0 राजेश कुमार गर्ग ने कहा कि वर्तमान समय में आनलाइन शिक्षण अद्यिगम एक अवसर है पूरी शिक्षा व्यवस्था बदलने के लिए आज विश्व के सभी देश अमेरिका जापान चाइना जो आगे बढे गये है उन्होने इस अद्यिगम का प्रयोग पहले से ही किया है। तकनीकि में नये प्रयोग सदैव ही लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए लाभकारी रहे है। ब्लैक बोर्ड से स्मार्ट बोर्ड तथा स्मार्ट बोर्ड से हम डिजिटल बोर्ड की ओर उन्मुख है। जिससे हम एक साथ लाखों लोगो को प्रभावित कर सकते है। इन्होने आॅनलाइन शिक्षण अद्यिगम के विषय में कुछ भ्रान्तियों पर भी चर्चा किया और कहा कि अगर हमें आगे बढना है तो इन सब चीजों को गौणता पर रखनी होगी।
अतिथि वक्ता, डाॅ0 निलय तिवारी, राजकीय महाविद्यालय अयोध्या ने कहा कि शिक्षण अद्यिगम में फेस टू फेस शिक्षण का विकल्प आनलाइन शिक्षण नही है किन्तु आज वर्तमान में समय और परिस्थिति के अनुरूप इसकी मांग है। आनलाइन शिक्षण से मानवता का गुण सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। महाविद्यालय के वरिष्ठ डाॅ0 अवधेश शुक्ला ने अपने व्क्तव्य में कहा कि परिवर्तन समाज का अभिन्न अंग है। अतः शिक्षण व्यवस्था में आने वाला परिवर्तन भी भविष्य का आधार होगा। विभिन्न महाविद्यालयों से आये विद्वानजनों ने विचार अभिव्यक्त कियें।
इस अवसर पर संगोष्ठी से सम्बन्धित स्मारिका एवं महाविद्यालय की पत्रिका प्राची 2019-20 का विमोचन किया गया। सेमीनार में तकनीकि सत्रों मे कुल 34 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 अमित जायसवाल ने किया। कार्यक्रम के संयोजक डाॅ0 अरविन्द शुक्ला ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों से आये शिक्षण गण डाॅ0 सपना पाण्डेय तथा अन्य और महाविद्यालय के समस्त शिक्षक, डाॅ0 अवधेश कुमार शुक्ला, डाॅ0 वन्दना अग्निहोत्री, डाॅ0 सुशील कुमार, शरद चन्द्र राय, डाॅ0 अंशुबाला, डाॅ0 प्रियंका रानी तथा छात्रायें भी उपस्थित रही।
