अब साइबर ठग पीडीएफ फाइल भेजकर कर रहे हैं मोबाइल हैक कर रहे हैं।
Indian TV News हजारीबाग संवाददाता
हजारीबाग इन दिनों गिरिडीह प्रखंड क्षेत्र में साइबर ठग सक्रिय होकर मोबाइल फोन हैक करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से पीडीएफ फाइल भेजकर नया तरीका इजाद करते हुए लोगों को को चूना लगाने का प्रयास कर रहे हैं। 09 जून को जिसमें बजटो पंचायत के मुखिया है। प्रतिनिधि जितेंद्र वर्मा द्वारा मो संचालित व्हाट्सएप ग्रुप बजटो या पंचायत से इस ग्रुप में एक इसे पीडीएफ फाइल भेजी गई जिसे की खोलने पर कई लोगों के मोबाइल भी फोन हैक कर दिए गए और हैक के किये गए मोबाइल नंबर का ळ्या उपयोग करते हुए साइबर ठगों द्वारा ब्ला पीडीएफ फाइल को ग्रुप के अन्य इनों सदस्यों को भी भेजी गई जिसे ऐसे खोलने पर ग्रुप के कई सदस्यों के और मोबाइल फोन हैक हो गए थे। है। बजटो मुखिया प्रतिनिधि के बैंक नहीं खाते से साइबर ठगों ने 3500 लन रुपये उडा लिए। वहीं साइबर ठगों की यह तकनीक अब गिरिडीह
प्रखंड से बेंगाबाद प्रखण्ड तक आ पहुंची है जिसमें पिछले तीन दिनों से अलग अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में ऐसी पीडीएफ फाइल ग्रुप से जुड़े अन्य लोगों को व्यक्तिगत भेजी गई जिसे ओपन करने पर बेंगाबाद प्रखंड में भी कई लोगों के मोबाइल फोन हैकर्स द्वारा हैक कर लिए गए हैं। बेंगाबाद थाना क्षेत्र के कर्णपुरा निवासी संतोष कुमार हजाम ने मोबाइल हैक करने और बैंक खाते से 42997 रुपये निकाल लेने के खिलाफ साइबर थाना को आवेदन सौंपा है मोबाइल फोन हैकर्स का शिकार हुए लोगों का कहना है कि ग्रुप से जुड़े एक सदस्य का मोबाइल हैक करने के बाद हैक किये गए मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए सम्बंधित ग्रुप के नाम से अंग्रेजी भाषा में लिखे पीएम किसान एपीके पीडीएफ फाइल को खोलते ही मोबाइल नंबर पर हैकर्स का नियंत्रण हो गया और हैक किये गए मोबाइल नंबर का दुरुपयोग किया जा रहा है।
हालांकि अभी तक दो ही लोगों के आर्थिक नुकसान के समाचार मिले हैं। जनहित में दैनिक भास्कर की ओर से सुझाव है कि अपने मोबाइल फोन की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए बिना सोचे समझे किसी भी अविश्वसनीय पीडीएफ फाइल पर क्लिक नहीं करें। DIY 2013
मोबाइल हैक होने के बाद की स्थिति
फोन हैक होने के बाद आपके सभी संपर्क, क्रेडिट कार्ड, लॉगिन जानकारी और बहुत कुछ आपके फ़ोन पर संग्रहित होने के साथ, आखिरी चीज जो आप खुद से पूछना चाहते हैं वह यह है कि क्या आपका फ़ोन हैक हो गया है। दुर्भाग्य से, सेल फ़ोन हैकिंग आई फोन और एंड्रॉयड डिवाइस दोनों के लिए एक समस्या है, और यह आपके और आपके संपकों के लिए गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकती है। जानें कि फ़ोन हैकिंग का पता कैसे लगाया जाए और कैसे एक मोबाइल सुरक्षा ऐप
हैकिंग और अन्य ऑनलाइन खतरों से बचाने में मदद कर सकता है। अगर आपको डिवाइस में
अजीबोगरीब व्यवहार जैसे कि धीमा प्रदर्शन, ज्यादा गरम होना, अजीबोगरीब पॉप-अप या ऐप दिखाई देना या खराब डेटा कनेक्शन दिखाई देना आदि महसूस होता है, तो आपको पता चल जाएगा कि आपका फ़ोन हैक हो गया है। इन समस्याओं का एक साथ होना इस बात का संभावित संकेत है कि आपके डिवाइस के साथ छेड़छाड़ की गई है। फोन हैक होने पर ए उपाय अपनाएं: अगर आपका फ़ोन हैक हो गया है, तो वाई-फ़ाई बंद कर दें, संदिग्ध ऐप्स को अनइंस्टॉल कर दें और एंटी-मैलवेयर स्कैन चलाएँ । आप अपने फ़ोन को फ़ैक्टरी सेटिंग पर रीसेट भी कर सकते हैं। संभावित नुकसान को कम करने और खतरे को रोकने के लिए कार्रवाई करना जरूरी है