वन अमला से है याराना तभी तो धंधा हो गया पुराना
मौका पाते ही कीमती पेड़ो की कटाई रात के अंधेरे में बाइक से होती है अवैध लकड़ी की ढुलाई
शहडोल जिले के बहगड़ वन परिक्षेत्र जैतपुर अंतर्गत जंगलों में वन माफियाओं द्वारा इमारती हरे भरे कीमती वृक्षों का कत्लेआम किया जा रहा है। इस संबंध में हासिल जानकारी के मुताबिक बहगड़ जैतपुर रेंज से लगे जंगलों में कीमती सागौन सहित अन्य प्रजाति के पेडों की कटाई लंबे समय से की जा रही है। सूत्र बताते है कि वन अमला द्वारा माफियाओं से सांठगांठ कर व्रक्षों की कटाई के लिए पूरी व्यवस्था बनवाई जाती है जिसे आसानी से देर रात में परिवहन कर निर्धारित स्थलों में पहुंचा दिया जाता है। इस मामले में यह बात भी सामने आ रही है कि विभाग के विभीषण लकड़ी परिवहन के दौरान बहगड़ कर मार्ग को सुगम बनाने में वन माफियाओं को भरपूर सहयोग प्रदान करते है। बताया जाता है कि बहगड़ क्षेत्र से लगे गांवों और शहरी क्षेत्र में भी वन माफिया बेहद सक्रिय हो चुके है जिन्हें विभाग का मूक सहयोग प्राप्त है। सूत्र बताते है कि बहगड़ गांव के रहने वाले कथित वन माफियाओं द्वारा इमारती लकड़ियों का व्यवसाय बीते वर्षो से किया जा रहा है जिससे वन विनाश तेजी से बढ़ा है वहीं इस अवैध कारोबार में लिप्त माफिया कम समय में क्षमता से ज्यादा साधन संसाधन बना चुके है। बहरहाल इस अवैध कारोबार में अंकुश लगाने के लिए विभाग के जिम्मेदार
अधिकारी कब तक संज्ञान लेते है यह तो वही जानें।