जिला अस्पताल में जीर्णोद्धार कार्य अन्तर्गत शासकीय अस्पताल रूपान्तरण कोष से किए गए समस्त कार्य जांच का विषय…

गरियाबंद जिला अस्पताल में साफ–सफाई के नाम पर खानापूर्ति…स्वक्षता के नाम पर कचरा और गंदगी…
रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य के गरियाबंद जिला अस्पताल में जीर्णोद्धार कार्य अंतर्गत मुख्यमंत्री शासकीय कोष से अस्पताल रूपांतरण कार्य हेतु जिला अस्पताल के कई कार्य तथा स्वास्थ विभाग से जुड़े अन्य कार्यों के लिए तकरीबन 02 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृति 2023 में की हुई थी,

जिसमे गरियाबंद जिला अस्पताल रूपांतर कार्यों के लिए तकरीबन RES विभाग को एक करोड़ रूपए प्रदाय भी कर दिया गया । जिसमे गरियाबंद जिला अस्पताल में जीणोद्धार कार्य में–पेन्टींग, पुट्टी, वाटर प्रूफिंग, दरवाजा, प्लास्टर, टाईल्स कार्य, बिजली संबंधित बिजली मरम्मत कार्य, पेनलिंग कार्य, एसपी कार्य, सेनेटरी कार्य, वाटर सप्लाई कार्य, जिला अस्पताल में एनआरसी सेंटर, भवन निर्माण, प्रशिक्षण केन्द्र, सह आवासीय केन्द्र का अधोसंरचना कार्य, ग्राईडिंग व पालिंसिंग कार्य, जिला अस्पताल के समस्त खिड़की एवं रोशनदान में मच्छरदानी जाली का कार्य, अस्पताल के मेन गेट में केचर कार्य जैसे कई कार्य की सूची बनकर तैयार तो है, जिसके लिए इन कार्यों के लिए उक्त विभाग द्वारा निविदा आमंत्रित कर ठेकेदार द्वारा टेंडर भी लिया गया, जिला अस्पताल में कराए गए कई कार्यों को पूर्ण होने के दावे के साथ RES विभाग में ठेकेदार द्वारा बिल संलग्न भी किया गया, जिसमे लगभा विभागीय जानकारी के मुताबिक उक्त ठेकेदार को तकरीबन 58 लाख बतौर बिल भुगतान भी कर दिया गया है। अब विभाग द्वारा ठेकेदार को भुगतान हेतु लगभग 20 लाख रूपए और शेष बचे हैं, जो कार्य पूर्ण किए जाने भौतिक स्थिति का मूल्यांकन किए जाने तथा कार्य पूर्णतः एवं सहमती पत्र के आधार पर प्रदान कर दिया जाएगा।

अब सवाल यह उठता है कि 2023 में जिस जीर्णोद्धार के कार्य को पूर्ण कर गरियाबंद जिला अस्पताल में कार्य दर्शाते हुए RES विभाग में बिल लगाया गया है, जिसमे 58 लाख
भुगतान किया जा चुका है का जीर्णोद्धार तथा बिल्डिंग रूपांतर का कार्य कहीं नजर नहीं आ रहा है, और यदि इतना कार्य हुआ भी है तो इसकी कार्य पूर्णतः प्रमाण पत्र स्वास्थ विभाग द्वारा किसने दिया होगा और 58 लाख के कार्यों का मूल्यांकन कैसे हुआ होगा..? अब क्या केवल बिल के आधार पर शेष 20 लाख को भी भुगतान कर दिया जाना है..? अब देखने वाली बात यह है कि ठेकेदार द्वारा RES विभाग में लगाए गए लगभग 78 लाख के बिल के अनुसार जिला अस्पताल में वर्तमान कार्य की भौतिक स्थिति या रंग–रोगन तथा जितने कार्यों का बिल लगा हो, उस अनुसार कैसी होनी चाहिए ? शायद आज की यह तस्वीर सरकार, प्रशासन, पाठकों तथा जनता को साफ देखने को मिल सकता है। यदि जिला अस्पताल से जुड़े ऐसे कई कार्यों की जांच कराई जाए तो और भी कई रहस्य खुलकर सामने आ सकते हैं, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी अति आवश्यक है।
रिपोर्ट – सुनील कुमार यादव स्टेट हैड