अयोध्या।
बीकापुर तहसील क्षेत्र के गौरा घाट गयासपुर विद्यापुर में आयोजित की जा रही सप्त दिवसीय संगीतमई श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन शनिवार की शाम कथा व्यास पंडित सरोज कुमार दुबे जी ने ध्रुव एवं प्रह्लाद चरित्र तथा श्रीमद् भागवत कथा के कई प्रसंगों का व्याख्यान किया गया। कथा व्यास ने कहा कि बालक ध्रुव और प्रहलाद ने अल्प आयु में ही अपनी अगाध भक्ति, दृढ़ निश्चय लक्ष्य और संकल्प द्वारा ईश्वर की अकाध भक्ति एवं लक्ष्य को प्राप्त किया। कथा के दौरान कथा व्यास ने बताया कि भगवत कथा माया के बंधन से छुटकारा दिलाकर जन्म मरण के बंधन से मुक्त करती है। आज का मानव तो केवल माया के बंधन में ही चारो ओर बांधता फिरता है। और बार बार माया के चक्कर में इस धरती पर अलग अलग योनियों में जन्म लेता है। लेकिन भागवत कथा जैसा सरल माध्यम जनम मरण के चक्कर से मुक्ति प्रदान करता है। और नारायण के धाम में सदा के लिए स्थान दिलाता है। कथा व्यास एवं आचार्य के सानिध्य में मुख्य यजमान पति पत्नी कृष्ण देव उपाध्याय एवं माला देवी द्वारा आरती एवं पूजा अर्चना की गई। इस दौरान सुरेंद्रनाथ उपाध्याय, चिंता देवी, मिथिलेश पाठक, रमेश कुमार उपाध्याय, सत्यदेव उपाध्याय, हरदेव उपाध्याय, अजय प्रकाश, बद्रीनाथ, बैजनाथ, राहुल, रजनीश, लवकुश, अतुल, शिवा, शिवम, आनंद, अनुराग, निधि, नीलू, अर्चना स्वाती सहित तमाम श्रद्धालु श्रोता गण मौजूद रहे।