खबर सहारनपुर से सूत्रों पर आधारीत
सहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने विद्युत चोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। विद्युत विभाग ने पीएसी बल के साथ मिलकर जनपद में बिजली चोरी रोकने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया गया
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत बिजली चोरी करने पर तीन साल तक की सजा या ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं ¹। चेकिंग अभियान 15 से 28 जनवरी तक विभिन्न क्षेत्रों में चलाया गया, जिसमें कई स्थानों पर कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत राजस्व बढ़ाने और अवैध कनेक्शनों पर रोक लगाने के लिए नियमित जांच जारी रखें।
भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 के अनुसार, विद्युत कनेक्शन की जांच और लोड चेक के नियम निम्नलिखित हैं:
नियम और अधिनियम
1. विद्युत अधिनियम, 2003: इस अधिनियम के अनुसार, विद्युत कनेक्शन की जांच और लोड चेक के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
2. विद्युत नियम, 2005 इन नियमों के अनुसार, विद्युत कनेक्शन की जांच और लोड चेक के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना आवश्यक है।
3. पांच किलोवाट तक के कनेक्शन: विद्युत नियम, 2005 के अनुसार, पांच किलोवाट तक के कनेक्शन की जांच नहीं की जा सकती है, लेकिन लोड चेक किया जा सकता है।
4. वैध कनेक्शन उपभोक्ताओं के अधिकार विद्युत अधिनियम, 2003 के अनुसार, वैध कनेक्शन उपभोक्ताओं को विद्युत चोरी के आरोप में उत्पीड़न नहीं किया जा सकता है।
5. एफआईआर दर्ज करने के नियम विद्युत अधिनियम, 2003 के अनुसार, एफआईआर दर्ज करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
कार्रवाई के लिए आवश्यक शर्तें
विद्युत चोरी के आरोप में कार्रवाई करने के लिए, निम्नलिखित शर्तें आवश्यक हैं:
1. विद्युत चोरी का पुख्ता सबूत विद्युत चोरी का पुख्ता सबूत होना आवश्यक है।
2. वैध कनेक्शन उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहींवैध कनेक्शन उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
3. निर्धारित प्रक्रिया का पालन विद्युत अधिनियम, 2003 और विद्युत नियम, 2005 के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
रिपोर्टर रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़