एक छोटे से कदम से बनी बड़ी मिसाल – दरोगा मानसिंह
हमारे समाज में कुछ लोग अपनी संवेदनशीलता और मानवीय गुणों से दूसरों को प्रेरित करते हैं। एक ऐसी ही मिसाल पेश की दरोगा मानसिंह ने। यह घटना एक रेलवे स्टेशन की है, जब एक बुजुर्ग महिला व्हीलचेयर की कमी के कारण ट्रेन में चढ़ने में असमर्थ थी।
दरोगा मानसिंह ने खुद को उसकी मदद के लिए आगे बढ़ाया और महिला को अपनी बाहों में उठाकर कोच तक पहुंचाया। यह कदम केवल एक दायित्व की भावना से नहीं, बल्कि इंसानियत और संवेदनशीलता से प्रेरित था। दरोगा मानसिंह ने यह सिद्ध कर दिया कि वर्दी का मतलब केवल कानून लागू करना नहीं होता, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना भी इसका हिस्सा है।
आज जब समाज में व्यक्तिगत स्वार्थ बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे में इस तरह के कार्य समाज में एक नई जागरूकता और संवेदनशीलता की लहर पैदा करते हैं। हमें भी अपने आस-पास के लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके। दरोगा मानसिंह की यह पहल हमें यह समझने में मदद करती है कि मानवता सबसे बड़ी सेवा है।
रिपोर्टर
शिव बहादुर यादव
जनपद जौनपुर से