भारत के सामने अभी सबसे बड़ी चिंता यह है कि आबादी के बेहद कम प्रतिशत लोगों (4%) को ही वैक्सीन के दोनों डोज लग पाए हैं जबकि 18 फीसदी को केवल एक डोज लगा है।
वैक्सीन की प्रभावशीलता, एक डोज के बजाय दोनों डोज के साथ ज्यादा बेहतर मानी जा रही है
नई दिल्ली: कोरोनावायरस (coronavirus) की तीसरी लहर की आशंका और चिंताओं के बीच यह सवाल इस समय सामने आ रहा है कि क्या वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज (first and second vaccine dose) के बीच 85 दिन का अंतराल इस राह में अड़चन बन सकता है? आंकड़े बताते हैं कि ऐसे लोगों की संख्या जरूरी तौर पर बढ़ाने की जरूरत है जो वैक्सीन की दोनों डोज लग चुके हैं. वैक्सीन के दोनों डोज को संभावित तीसरी लहर और वायरस के खिलाफ ‘जंग’ का प्रभावी उपाय माना जा रहा है।
Report by : Mohammad Javed