पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय 14 जीटीसी सुबाथू में 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह, अनुशासन और आत्मिक ऊर्जा के साथ भव्य रूप से सम्पन्न
ब्यूरो चीफ सुंदरलाल जिला सोलन,पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय 14 जीटीसी सुबाथू में 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को गरिमामयी वातावरण में अत्यंत जोश, अनुशासन और आत्मिक एकाग्रता के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विद्यालय प्रांगण में एक भव्य सामूहिक योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और समस्त स्टाफ सदस्यों ने सहभागिता कर योग के महत्व को आत्मसात किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक प्रार्थना और योग संकल्प के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने तन, मन और आत्मा की शुद्धि हेतु योग को जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने की शपथ ली।
शारीरिक शिक्षा शिक्षक अरविंद पाटियाल एवं संस्कृत शिक्षक
डॉ. प्रदीप कुमार डोब्रियाल ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी योगासनों, प्राणायाम तथा ध्यान तकनीकों का सजीव प्रदर्शन किया। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने अत्यंत अनुशासित और श्रद्धाभाव से उनका अनुकरण किया।
सभी शिक्षक प्रतिभागी सफेद टी-शर्ट और काली ट्राउज़र में एवं सभी विद्यार्थी हाउस ड्रेस में सज्जित होकर जब एकसाथ योग क्रियाएं कर रहे थे, तो दृश्य अत्यंत अनुशासित, शांतिपूर्ण और प्रेरणास्पद प्रतीत हो रहा था। योग सत्र में विशेष रूप से ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति तथा ध्यान जैसे योग अभ्यास सम्मिलित किए गए।
इस वर्ष योग दिवस की वैश्विक थीम रही — “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य हेतु योग” (Yoga for One Earth, One Health), जो यह स्पष्ट संदेश देती है कि मानव, जीव-जंतु और प्रकृति का स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस संदेश को जनमानस तक पहुँचाने हेतु विद्यालय में विभिन्न गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं।
विद्यालय की प्राचार्या आशा चौधरी ने भी योग सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाई। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा: “योग केवल शरीर संचालन नहीं, अपितु आत्मा, चित्त और ब्रह्मांड के बीच संतुलन स्थापित करने की साधना है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य रत्न है, जिसे अपनाकर हम संपूर्ण स्वास्थ्य और आत्मिक शांति प्राप्त कर सकते हैं। मैं इस अवसर पर सभी शिक्षकों, अभिभावकों एवं आयोजकों को हृदय से धन्यवाद देती हूं, जिनके प्रयासों से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना।”
कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन शारीरिक शिक्षा विभाग के सौजन्य से हुआ, जबकि संगीत शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायक योग गीत एवं भजन ने वातावरण को भक्तिमय और आध्यात्मिक बना दिया।
अंत में, राष्ट्रगान के साथ इस दिव्य आयोजन का समापन हुआ। प्राचार्या महोदया ने सभी को दैनिक जीवन में योग को अपनाने, स्वस्थ जीवन जीने और समर्पण के साथ सकारात्मक सोच रखने का संदेश दिया।