अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
चिचोली:-तहसील मुख्यालय पर नगर चिचोली में मुस्लिम धर्मावलंबियों के सबसे पवित्र रमजान माह के समापन अवसर पर मनाया जाने वाला ईद ऊल फित्तर अर्थात मीठी ईद का त्यौहार नगर मुख्यालय पर सौहार्दपूर्ण माहौल में मिल-जुलकर मनाया गया।इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिन्दु संप्रदाय के लोगों के गले मिलकर एक दुसरे को ईद की मुबारकबाद दी थी।
जयस्तंभ चौक पर हुआ ईद मिलन
नगर के अति व्यस्ततम प्रमुख क्षेत्र जयस्तंभ चौक पर युवा व्यवसायी व पार्षद आशुतोष बाली मालवीय के प्रतिष्ठान पर ईद मिलन का आयोजन किया गया जहां अपने-अपने ईदगाहो से नमाज अदा कर लौटी जमातों ने यहां उपस्थित नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती वर्षा मालवीय,पूर्व अध्यक्ष,श्रीमती सुलोचना संतोष मालवीय,जिला विकास सलाहकार समिति सदस्य अनिलसिंह कुशवाह,वरिष्ठ समाजसेवी राजेन्द्र जैसवाल एवं प्रदीप शुक्ला,व्यवसायी व वार्ड पार्षद आशुतोष बाली मालवीय,मंडल अध्यक्ष अमन आवलेकर, सोसायटी अध्यक्ष,मुकेश मालवीय,उपाध्यक्ष शंकरराव चड़ोकार,शीतल मालवीय,संजय आवलेकर,राजेश आर्य,सज्जु खान,वहीद खान,मकबूल खान,महामंत्री अमनसिंह कुशवाह पार्षद स्वरूपचंद मोटू यादव एवं उमेश पेठे,रितेश मालवीय,कृष्णा सोनी, राजकुमार मालवीय,डाक्टर संतोष आवलेकर,शांतिबन गोस्वामी आदि प्रमुख हिन्दु धर्मावलंबियों से गले मिलकर,हाथ मिलाकर ईद की मुबारकबाद दी और साथ बैठकर,स्वल्पाहार भी किया।इसके पहले शनिवार की सुबह नगर चिचोली की जामा मस्जिद और नूरी मस्जिद से निकली जमाते अपने-अपने ईदगाहों पर पहुंची थी जहां उन्होंने ईद ऊल फित्तर की नमाज अदा कर एक दुसरे को ईद की बधाईयां दी इसके पश्चात दोनों हीं ईदगाहों से जमाते,,जय स्तंभ चौक स्थित गुरूसाहब प्रतिष्ठान पर आयोजित ईद मिलन कार्यक्रम में पहुंची थी।
विदित हो ईद-उल-फितर खुशियों और भाईचारे का त्योहार है,यह त्योहार रमजान के बाद मनाया जाता है।ईद उल फितर इस्लाम धर्म का बहुत ही पवित्र और खुशियों वाला त्योहार है,जो रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद मनाया जाता है।यह त्योहार नए चांद (शव्वाल महीने की शुरुआत)के दिखने पर मनाया जाता है।ईद का मतलब होता है ‘खुशी’ और ‘उल-फितर’ का मतलब है ‘रोजा खोलना’,,यानि यह त्योहार रोजों के पूरा होने की खुशी में मनाया जाता है।इस दिन लोग अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं कि उन्होंने उन्हें रोजे रखने की ताकत दी।