नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग
संजीवनी सेवा कुटीर की पुनः स्थापना एवं 9 सूत्रीय जनहित मांगों को लेकर समाजसेवी रवि शंकर पांडेय का आठवें दिन आमरण अनशन समाप्त
सांसद मनीष जायसवाल और बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने जूस पिलाकर समाजसेवी रवि पांडेय का आठ दिवसीय आमरण अनशन समाप्त कराया
हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज ऑफ अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, सेवा कुटीर हटाने से उत्पन्न अव्यवस्था, मरीजों को हो रही असुविधाएं और जनहित से जुड़ी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर विगत आठ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे समाजसेवी रवि शंकर पांडेय का अनशन बुधवार को समाप्त हो गया। यह आमरण अनशन न केवल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और राज्य सरकार की संवेदनहीनता के खिलाफ एक सशक्त जनआवाज़ थी, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जनता के भीतर सुलग रहे आक्रोश की अभिव्यक्ति भी थी। अनशन स्थल पर हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल एवं बड़कागांव के विधायक रोशन लाल चौधरी उपस्थित हुए। उन्होंने रवि पांडेय से मुलाकात कर उनके संघर्ष और जुझारूपन की सराहना करते हुए उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया,सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि जनहित के इस मुद्दे को लेकर वे स्वयं राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से गंभीरतापूर्वक बात करेंगे, ताकि संजीवनी सेवा कुटीर जैसी जरूरी स्वास्थ्य सेवा की पुनः शुरुआत हो सके और अस्पताल की व्यवस्थाओं में ठोस सुधार लाया जा सके। साथ ही कहा की यह अनशन झारखंड सरकार की जनहित के प्रति उदासीनता को दर्शाता है गूंगी-बहरी सरकार की नीतियों के खिलाफ यह सिर्फ शुरुआत है जनहित में हमारा संघर्ष आगे भी जारी रहेगा
सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा की
रवि पांडेय का यह संघर्ष केवल एक संजीवनी सेवा कुटीर की पुनः स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे हजारीबाग जिले के स्वास्थ्य अधिकार की मांग है। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज ऑफ अस्पताल की व्यवस्था में तत्काल सुधार होना चाहिए। यदि जनता को बुनियादी चिकित्सा सुविधा तक न मिले, तो यह किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। मैं स्वयं इस मुद्दे को सदन और प्रशासनिक स्तर पर उठाऊंगा और जनता के साथ इस लड़ाई में कदम से कदम मिलाकर खड़ा रहूंगा। बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने भी रवि पांडेय के आंदोलन को जनभावना से जुड़ा बताया और कहा कि राज्य सरकार को अब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर होना ही होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मुद्दे को विधानसभा स्तर पर भी उठाया जाएगा।
मौके पर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद की टीम के सदस्यगण भी मौजूद रहे, जिन्होंने जनहित के इस आंदोलन में समर्थन देते हुए कहा कि जब तक जनता को न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा। रवि पांडेय ने अनशन समाप्त करते हुए कहा कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, बल्कि अभी तो शुरुआत हुई है। यदि प्रशासन और सरकार ने जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की, तो जन आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा के लिए है।
गौरतलब है कि संजीवनी सेवा कुटीर के हटाने के कारण मरीजों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल परिसर में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी, चिकित्सकों की अनुपलब्धता, जांच उपकरणों की खराबी और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति को लेकर लगातार आम लोग आवाज़ उठा रहे हैं।