नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
विस्थापन पर भुवनेश्वर मेहता का सरकार पर निशाना, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
हजारीबाग, 9 जुलाई 2025 : झारखंड के पूर्व सांसद एवं भाकपा नेता भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने राज्य में किसानों के लगातार हो रहे विस्थापन के खिलाफ़ आज एक महत्वपूर्ण ज्ञापन महामहिम राज्यपाल को सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सरकारें कारपोरेट कंपनियों के पक्ष में कार्य कर रही हैं और किसानों के हक़ की अनदेखी की जा रही है।
मेहता ने कहा कि झारखंड राज्य बने 24 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया है। उन्होंने लिखा कि भूमि अधिग्रहण कानून के अनुपालन के अभाव में गरीब किसानों को मुआवज़ा और पुनर्वास का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि राज्य में विस्थापन विरोधी नीतियों के बावजूद आज भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों को उनकी भूमि से उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि “कंपनियों को लाभ देने के लिए किसानों की ज़मीन छीनी जा रही है, और यह संविधान व लोकतंत्र दोनों के खिलाफ़ है।”
ज्ञापन में उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाईं:
झारखंड में सभी परियोजनाओं में विस्थापन पर रोक लगे।
जिन लोगों को वर्षों पहले विस्थापित किया गया, उन्हें पुनर्वास और मुआवज़ा दिया जाए।
जिन परियोजनाओं में अधिग्रहण हो चुका है, वहां किसानों को कानूनी हक़ के अनुसार मुआवज़ा और नौकरी दी जाए।
भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को राज्य में पूर्ण रूप से लागू किया जाए।
उन्होंने अंत में यह चेतावनी भी दी कि यदि सरकार ने किसानों के हित में कदम नहीं उठाए, तो आगामी समय में व्यापक जनांदोलन खड़ा किया जाएगा।