एक जिला एक उत्पाद (ODOP)” योजना के अंतर्गत निर्यात उन्मुख कार्यशाला का सफल आयोजन
मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित “एक जिला एक उत्पाद (ODOP)” योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में पारंपरिक एवं विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना, उनके सतत विकास को सुनिश्चित करना तथा निर्यात को बढ़ावा देना है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ जैसे कि कार्यशालाएँ, प्रशिक्षण कार्यक्रम, निवेश सम्मेलनों में प्रदर्शन, ज्ञान-विनिमय सत्र आदि-निरंतर रूप से संचालित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में म.प्र. इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPIDC) द्वारा ग्वालियर जिले में चयनित ODOP उत्पाद के संवर्धन एवं निर्यात संभावनाओं के विषय में जागरुकता बढ़ाने हेतु एक दिवसीय निर्यात उन्मुख कार्यशाला का आयोजन दिनांक 09 जुलाई 2025 को रेडीमेड गारमेंट पार्क, ग्वालियर में किया गया।
इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों एवं विभिन्न हितधारकों को निर्यात की प्रक्रिया, ब्रांडिंग, आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों, गुणवत्ता मानकों तथा बाजार रणनीतियों से अवगत कराना था, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बन सकें।
कार्यक्रम में 150 से अधिक उद्यमियों, निर्यातकों एवं स्थानीय उत्पाद निर्माताओं ने सहभागिता की। इसके अतिरिक्त उद्यानिकी विभाग, कृषि विभाग, हथकरघा, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DIC) तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती, चेम्बर ऑफ कॉमर्स, रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन, स्टोन पार्क एसोसिएशन जैसी विभिन्न औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DIC) से श्री चंद्रा उप्रेती, चेम्बर ऑफ कॉमर्स से श्री प्रवीण अग्रवाल, लघु उद्योग भारती से श्री सोबरण सिंह तोमर, स्टोन पार्क एसोसिएशन से श्री एस.पी. शुक्ला, तथारेडीमेड गारमेंट पार्क एसोसिएशन से श्री महावीर राजपूत थे
कार्यशाला में ITIFC (International Trade and Investment Facilitation Centre) के विशेषज्ञों द्वारा “How to Export” विषय पर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें निर्यात प्रक्रिया की चरणबद्ध जानकारी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार हेतु आवश्यक दस्तावेजों, नीतियों एवं प्रमाणनों की विस्तारपूर्वक व्याख्या की गई। ODOP योजना की संरचना, चयन मानदंड, प्रोत्साहन योजनाओं राज्य शासन द्वारा प्रदत्त सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।
कॉनकॉर (Container Corporation of India) के प्रतिनिधियों हरीश गौतम एवं श्री राहुल जैन द्वारा निर्यात के लिए लॉजिस्टिक्स व्यवस्था, कंटेनर शिपमेंट, वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्टेशन की सुविधाएँ एवं लागत प्रभावी निर्यात परिवहन समाधानों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि कैसे निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उत्पाद पहुंचाने में कॉनकॉर की सेवाएं महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वॉलमार्ट के प्रतिनिधियों में से श्री विपिन सोलंकी ने ई-कॉमर्स, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी, एवं वॉलमार्ट के प्लेटफॉर्म पर उत्पाद सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल मार्केटिंग, वैश्विक ब्रांडिंग, और अंतरराष्ट्रीय ग्राहक नेटवर्किंग जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने व्यावसायिक अनुभव साझा किए एवं विभिन्न व्यवहारिक समस्याओं, बाजार पहुंच, वित्तीय सहयोग, उत्पाद मानकों आदि से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका समाधान MPIDC, DIC तथा विशेषज्ञ संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा यथोचित रूप से किया गया।
MPIDC के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार, ODOP योजना के अंतर्गत चयनित उत्पादों के संवर्धन, विपणन, ब्रांड निर्माण एवं निर्यात में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। साथ ही, भविष्य में भी इस प्रकार के उपयोगी प्रशिक्षण सत्रों एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
यह कार्यशाला ODOP योजना के अंतर्गत ग्वालियर जिले के विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने तथा प्रदेश के निर्यात में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी कदमसिद्ध हुई है।
रिपोर्ट गजेन्द्र सिंह यादव