नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
हजारीबाग में प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन, मृत्यु पर सहायता राशि की जानकारी दी गई
हजारीबाग, झारखंड: श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, हजारीबाग द्वारा अंतर्राज्यीय प्रवासी श्रमिकों के सर्वेक्षण एवं पुनर्वास योजना के तहत आज विष्णुगढ़ प्रखंड में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता श्रम अधीक्षक, हजारीबाग ने की, जिसमें मुखिया, पंचायत समिति और वार्ड सदस्यों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों और समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना और श्रमधान पोर्टल पर उनके निबंधन को प्रोत्साहित करना था।
कार्यशाला में श्रम विभाग के अधिकारियों ने झारखंड भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार कल्याण श्रमिक, असंगठित श्रमिक, प्रवासी श्रमिक और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की, ताकि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग किया जा सके और वे अपने हितों की रक्षा कर सकें।
प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी
झारखंड प्रवासी नियंत्रण कक्ष की टीम लीडर श्रीमती शिखा लकड़ा ने एक पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि नियंत्रण कक्ष अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करता है। उन्होंने विशेष रूप से सहायता राशि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की:
अंतर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु: राज्य सरकार की प्रवासी
योजना के तहत दो लाख रुपये देय हैं, जिसमें पचास हजार रुपये शव लाने के लिए दिए जाते हैं।
सामान्य मृत्यु (राज्य के बाहर): शव लाने के लिए पचास हजार रुपये देय हैं।
अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी मजदूर की विदेश में दुर्घटना से मृत्यु: मृतक मजदूर के आश्रित को पाँच लाख रुपये देय हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए मृतक श्रमिक का मृत्यु प्रमाण पत्र, एफआईआर और पोस्टमार्टम प्रमाण पत्र श्रम कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है।
इस अवसर पर विष्णुगढ़ के प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री अखलेश कुमार, श्रम अधीक्षक हजारीबाग श्री अनिल कुमार रंजन, शिखा लकड़ा (राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष, श्रम विभाग) और सामाजिक कार्यकर्ता श्री असलम अंसारी उपस्थित थे। सभी ने प्रवासी श्रमिकों के मुद्दों पर चर्चा की और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।
कार्यशाला में उपस्थित मुखिया, पंचायत समिति और वार्ड सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और श्रम विभाग के अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे प्रवासी श्रमिकों के लिए और अधिक जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग रहें।