राज मिश्रा सिंगरौली
सिंगरौली /देवसर विकासखंड मुख्यालय के ब्लॉक शिक्षा कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर न्यू रॉयल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल ईटार सभी नियमों को ताक पर रख कर संचालित हो रही है, विद्यालय में न तो खेल का मैदान है और न हीं बाउंड्री वाल , जबकि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किसी भी विद्यालय में मान्यता प्राप्ति के लिए खेल का मैदान होना आवश्यक है खेल के मैदान के बिना मान्यता नहीं मिल सकता , कक्षा आठवीं तक के प्राइवेट स्कूल खोलने के लिए कम से कम 2 हज़ार वर्ग फिट खेल का मैदान होना आवश्यक होता है,खेल मैदान के नाम पर नौनिहालों हालों से स्कूल प्रबंधक खेल कर रहा है।
विद्यालय में नहीं है बाउंड्री वॉल
सड़क से महज 20 फीट की दूरी पर स्कूल संचालित हो रही है तो वही विद्यालय में बाउंड्री वॉल नहीं होने के वजह से कभी भी अप्रिय घटना की स्थिति बनी रहती है वही विद्यालय प्रबंधक अभिभावकों से मोटी फीस तो जरूर वसूलता है लेकिन विद्यालय में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है ।
एक ही दुकान से किताबें और ड्रेस खरीदने पर विद्यालय प्रबंधक बनाता है दबाव
नाम न छापने के शर्त पर कई अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय प्रबंधक किताबें ड्रेस खरीदने के लिए एक ही दुकान पर जोर देता है तो वही इसके बदले दुकान से विद्यालय को कमीशन मिलने की बात कही जा रही है हालांकि प्रदेश सरकार कई बार शिक्षा विभाग को ऐसे विद्यालयों के ऊपर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं लेकिन कुंभकरण की निद्रा सो रहा शिक्षा विभाग प्राइवेट विद्यालयों की जांच करने पर रुची नहीं लेता।
कुंभकरण की निद्रा सो रहा शिक्षा विभाग प्राइवेट विद्यालयों की जांच करने पर नहीं लेता रुची
न्यूय रॉयल पब्लिक विद्यालय ही एकमात्र ऐसी विद्यालय नहीं है जो नियमों को ताक में रख कर संचालित हो रही हो विकासखंड में कई अन्य भी विद्यालय हैं जहां नियमों का पालन नहीं हो रहा है वहीं अभिभावकों से मोटी रकम विद्यालय प्रबंधक वसूल रहा है , लेकिन शिक्षा विभाग इन प्राइवेट विद्यालयों की जांच करने में रुचि नहीं दिखाता ,तो लोगों में चर्चाएं हैं कि इसके पीछे मिलने वाला नजराना है जो साहब तक समय समय पर पहुंच जाया करता है।