नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
हजारीबाग में विस्थापितों के मुद्दों पर सांसद ने एनटीपीसी से की चर्चा
हजारीबाग: 5 अगस्त 2025 : सांसद मनीष जायसवाल ने नई दिल्ली में एनटीपीसी (NTPC) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, गुरदीप सिंह, से मुलाकात की और हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं से प्रभावित गांवों के लोगों की समस्याओं को उठाया। उन्होंने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
सांसद ने बताया कि हजारीबाग क्षेत्र में कोयला और ऊर्जा परियोजनाओं के कारण हजारों परिवार वर्षों से विस्थापित हैं, लेकिन उन्हें अभी तक उचित अधिकार और न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने इन परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चार प्रमुख माँगें रखीं:
रोजगार में समानता: सांसद ने बताया कि जहाँ सीसीएल (CCL) में प्रभावित परिवारों को रोजगार देने की नीति है, वहीं एनटीपीसी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने सीसीएल की तर्ज पर एनटीपीसी के विस्थापितों को भी स्थायी रोजगार देने की माँग की।
न्यायसंगत मुआवज़ा: वर्षों पहले अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवज़ा पुराने दरों पर ही दिया जा रहा है। सांसद ने इस मुआवजे को वर्तमान बाज़ार मूल्य के अनुसार, 20 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 40 लाख रुपये प्रति एकड़ करने की माँग की ताकि प्रभावित परिवार अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकें।
कट-ऑफ तिथि समाप्त करने की माँग: वर्तमान में, केवल 2016 तक विस्थापित हुए परिवारों को ही पुनर्वास का लाभ मिल रहा है। सांसद ने इस कट-ऑफ तिथि को समाप्त कर सभी पात्र विस्थापित परिवारों को पुनर्वास योजना का लाभ देने की अपील की।
आजीविका और पर्यावरण संतुलन: सांसद ने कहा कि विस्थापन के कारण लोगों की आजीविका छिन जाती है, जिससे उनका जीवन संकट में पड़ जाता है। उन्होंने प्रभावी, समावेशी और पर्यावरण-संवेदनशील पुनर्वास नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया ताकि रोजगार और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन बना रहे।
एनटीपीसी प्रबंधन ने इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है। यह देखना बाकी है कि इन माँगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और हजारीबाग के विस्थापित परिवारों को कब तक न्याय मिल पाता है।