जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक ने मंडरायल चंबल नदी का लिया जायजा। चम्बल नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना, प्रशासन ने जारी की चेतावनी।
इंडियन टीवी न्यूज़ जिला रिपोर्टर नरेश जाटव कैला देवी करौली राजस्थान।
करौली। जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग चम्बल मण्डल, राजस्थान जयपुर के अधिशासी अभियंता से प्राप्त सूचना के अनुसार चम्बल नदी का जलस्तर मण्डरायल पर शनिवार को 4 बजे तक 165.04 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के स्तर से ऊपर है। और बताया कि अनुमान के अनुसार रात्रि 11 बजे तक जलस्तर 166.35 मीटर तक पहुँच सकता है एवं चम्बल में पानी की आवक बढ़ने से नदी के किनारे बसे गाँव एवं ढाणियों में खतरे की संभावना बताई है। इस संबंध में जिला कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों, पटवारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों को सतर्क रहकर लगातार निगरानी रखने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इस दौरान जिला कलेक्टर ने आमजन से अपील की कि सपोटरा एवं मण्डरायल क्षेत्र में कहीं भी वर्षाजनित, चम्बल में खतरे के निशान से अधिक पानी के आने से किसी भी आपदा, घटना की सूचना तुरन्त जिला आपदा नियंत्रण कक्ष कलक्ट्रेट करौली के दूरभाष नम्बर 07464- 251335 या टोल फ्री नम्बर 1077 पर देंवें। आमजन अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालना करें। चम्बल नदी, बाँध, तालाब एवं नदियों में उनके भराव क्षमता से अधिक वर्षा का पानी एकत्रित होने से उनके क्षतिग्रस्त या टूटने की संभावना रहती है। ऐसी स्थिति में जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आमजन को इन स्थानों पर जाने से रोकने के लिए निर्देशित किया। साथ ही कहा कि चम्बल नदी, बाँध, तालाब एवं नदियों के किनारे पर किसी भी व्यक्ति को नहाने धोने तथा बैठकर मादक पदार्थों का सेवन नहीं करने हेतु पूर्ण सावधानी व सतत सतर्क निगरानी रखी जाये। ऐसे विद्यालय जहाँ छात्र-छात्राओं के विद्यालय आवागमन के रास्ते में नदी-नाले, रपट, पुलिया अथवा अन्य कोई बाधा तथा जीर्ण-शीर्ण विद्यालय, आंगनवाड़ी भवन आदि के क्षतिग्रस्त होने की आशंका या स्थिति में संस्था प्रधान एवं अभिभावकों को सावधानी तथा सुरक्षा के लिए अतिरिक्त रूप से सजगता बरतने के निर्देश ब्लैक कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दिये। जिला कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ के खतरे की स्थिति में सभी अधिकारी, कर्मचारी बिना मुख्यालय की लिखित अनुमति के अपने कार्यस्थल नहीं छोड़ें।।