नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
आदि कर्मयोगी अभियान: हजारीबाग में जनजातीय उत्थान के लिए ‘डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब’ प्रशिक्षण शुरू
हजारीबाग: आदि कर्मयोगी अभियान के तहत हजारीबाग जिले में आदिम जनजाति बहुल गांवों के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय ‘डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब’ प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण हजारीबाग के प्रमंडल स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान, कोर्रा में उपविकास आयुक्त इश्तियाक अहमद और जिला कल्याण पदाधिकारी मुरली महतो द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया। यह कार्यक्रम 28 अगस्त से 30 अगस्त तक चलेगा और इसका लक्ष्य जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और स्वरूप
इस प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और विभिन्न लाइन विभागों के पाँच-पाँच प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। यह प्रशिक्षण ‘ट्रेन द ट्रेनर’ (प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देना) मॉडल पर आधारित है, जिसके तहत यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागी बाद में अपने-अपने प्रखंडों में दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन करेंगे। इन स्थानीय सत्रों की अध्यक्षता संबंधित बीडीओ करेंगे, जिससे प्रशिक्षण का लाभ सीधे ग्राम स्तर तक पहुंचाया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान जिले के 14 प्रखंडों में स्थित 76 आदिम जनजाति बहुल गांवों के विकास पर केंद्रित है। इसका मुख्य जोर सभी विभागों के बीच अभिसरण (convergence) पर है ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इस प्रशिक्षण के माध्यम से जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को आदिम जनजातीय समुदायों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने और उनके उत्थान के लिए समन्वित प्रयास करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
मास्टर ट्रेनर्स की टीम
राज्य स्तर से विशेष रूप से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स की एक अनुभवी टीम इस कार्यशाला का संचालन कर रही है। इनमें पीएचईडी विभाग के जिला समन्वयक मनीष कुमार, मनरेगा के परियोजना अर्थशास्त्री सोनू मेहता, जिला लेप्रोसी ऑफिसर डॉ. एस.के. रंजन, वन विभाग के श्याम कुमार, तथा नीरज पंडित और जयप्रकाश किशन जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं। इन प्रशिक्षकों का लक्ष्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक और प्रभावी तरीके से प्रशिक्षित करना है।
उद्घाटन के अवसर पर, वक्ताओं ने इस पहल को ग्राम स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और आदिम जनजातीय समुदायों के समग्र उत्थान की दिशा में एक सशक्त कदम बताया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हजारीबाग प्रशासन की आदिम जनजातियों के जीवन स्तर में सुधार लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।