खतियानी परिवार की साप्ताहिक बैठक पुराना धरना स्थल के नजदीक अशोक राम की अध्यक्षता में हुई
हजारीबाग: बैठक में केंद्रीय महासचिव मोः हकीम ने राजनीतिक चिंतन पर ध्यान दिया और कहा कि बड़का गांव के पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने अपने प्रेस वार्ता में बचते हुए जवाब दे रही है उनके भीतर से कबुलाने के लिए प्रेस वार्ता करते हुए हृदय की बात को उगलवाने की कोशिश की गई लेकिन अंबा प्रसाद ने जमे हुए खिलाड़ी की तरह जवाब देती रही और किसी भी तरह अपने संगठन के प्रति विरोध प्रकट नहीं किया लेकिन उनके पिताजी झारखंड सरकार के पूर्व कृषि मंत्री रहे, उन्होंने स्पष्ट रूप से बड़का गांव में चल रहे कोल कंपनियों के खिलाफ आंदोलन की नई दिशा देने की कोशिश की उन्होंने बड़का गांव के आंदोलन को बी,जे,पी का आंदोलन कहां और आंदोलन में लगे सभी लोगों को कंपनी के साथ साठ गांठ का आरोप लगाया
उन्होंने दिशुम गुरु शिबू सोरेन के आंदोलन का समर्थन करते हुए पुरजोर शब्दों में कहा कि बड़का गांव क्षेत्र में जितने भी थाना प्रभारी हैं सब के सब कंपनी के तरफ से नियुक्त किए गए हैं, उनमें से कोई भी ऐसा नहीं है जो झामुमो और कांग्रेस के आंदोलन को समर्थन दे रहा हो यदि यही हालत रही वह दिन दूर नहीं है जब हम सबो को तीर धनुष उठाने की जरूरत पड़ जाए हम बड़का गांव के जनता के हित में किसी भी तरह मनमाना करने के लिए लाचार नहीं है हम लोग आंदोलन को सशस्त्र क्रांति में बदल देंगे बल्कि सशस्त्र क्रांति पर विश्वास करने वाले दिशुम गुरु शिबू सोरेन के शीर्ष हैं
हम लोग खतियानी परिवार के लोगों के मन में आशा जगी की क्रांति के चिंगारी कहीं भी जल रही है हमारे नेता हथियार डालने को तैयार नहीं है बल्कि जनता के समर्थन से आंदोलन करने को तैयार है ऐसे भी खतियानी परिवार हजारीबाग के पूर्व सांसद सा संरक्षक माननीय भुवनेश्वर प्रसाद मेहता के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास के लिए और केंद्र सरकार के जुल्मो से बचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं सरकार मनमाने ढंग से जनता के मुद्दों को पूंजी पत्तियों के खाते में डाल दिया है जनता त्राहि त्राहि कर रही है और सरकार 1913 के अनुबंध की नाम लेकर स्थानीय लोगों को उजाड़ रही है हम सब खतियानी परिवार के लोग इस आंदोलन को समर्थन करते हैं
खतियानी परिवार के लो ग सामिल थे
महेश विश्वकर्मा, मुखतार अंसारी, मोःनसरूदीन, मोःआशिक, रामोतार भगत, अशरफ अली, देवनाथ महतो, बिजय मिश्रा, रामचंदर राम, परदीप मेहता, किशोरी मेहता, सुरेश महतो, बोधी सांव, अमर कुमार आदि थे,