रोजगार अधिकार अभियान की वर्चुअल बैठक में लिया गया प्रस्ताव
दुद्धी सोनभद्र।अमरीका की ट्रम्प सरकार द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसद टैरिफ से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल असर और लाखों लोगों की आजीविका पर आसन्न संकट से बचाने के लिए सरकार पहल करें। घरेलू बाजार को मजबूत करने, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने, संकटग्रस्त उद्योगों को बाजार मुहैया कराने व उन्हें आर्थिक मदद देने, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्द्धा लायक तकनीक विकसित करने और टैरिफ के कारण बेरोजगार हो रहे मजदूरों की जीवन रक्षा के लिए बेकारी भत्ता देने जैसी कार्रवाई सरकार की तरफ से करने की आज जरूरत है। यह मांग रोजगार अधिकार अभियान की राष्ट्रीय संचालन समिति की वर्चुअल बैठक में उठी।
बैठक में विभिन्न वक्ताओं ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका और यूरोप पर निर्भर रहकर आर्थिक तरक्की के रास्ते ने हमारे देश की आर्थिक सम्प्रभुता को गहरा नुकसान पहुंचाया है। हमारे सम्बंध मित्र देशों के साथ खराब हो गए और हमें दुनिया में अलगाव का सामना करना पड़ रहा है। आज आवश्यकता है कि हम पड़ोसी मुल्कों और दक्षिण एशियाई देशों के साथ अपने सम्बंध बेहतर करें और अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के कृषि, एमएसएमई और कल कारखानों को मजबूत करें। सरकारी विभागों में खाली पड़े 1 करोड़ पदों को भरने और हर नौजवान को रोजगार की संवैधानिक गारंटी देकर लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाई जाए। इससे ही देश को मंदी की चपेट में आने से बचाया जा सकेगा।
बैठक में कर्नाटक विद्यार्थी संघ के सरोवर ने वहां जमीन अधिग्रहण के सवाल पर लम्बे चले आंदोलन के बाद मिली जीत और वहां जारी छात्र आंदोलन के बारे में रिपोर्ट रखी। रोजगार अधिकार अभियान के कोआर्डिनेटर राजेश सचान ने विगत एक पखवाड़े से दिल्ली में रोजगार अधिकार अभियान के तत्वावधान में छात्रों व नागरिकों से किए सघन संवाद के अनुभवों को साझा किया। सोनभद्र की आदिवासी युवतियों ने प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय स्कूलों को बंद करने पर ली गई पहल की रिपोर्ट रखी।
बैठक में अभियान के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर राजेश सचान, कर्नाटक विद्यार्थी संघ के सरोवर, गुजरात से विपुल राठवा, अभियान के यूपी कोआर्डिनेटर सुरेन्द्र पांडेय, लखनऊ से पूजा विश्वकर्मा, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के प्रियांशु पाल, प्रयागराज से अर्जुन प्रसाद, सोनभद्र से सविता गोंड, रूबी सिंह गोंड, अभिषेक, जमशेद अली, गुंजा गोंड, ललित सिंह आदि लोगों ने अपनी बात रखी।
सोनभद्र, तहसील रिपोर्टर दुद्धी, विवेक सिंह