करौली में स्वास्थ्य विभाग की अनूठी पहल : गंभीर बीमार मरीजों को घर पर ही मिलेगी विशेष चिकित्सा सुविधा
📍 इंडियन टीवी न्यूज़ रिपोर्टर – नरेश जाटव, कैलादेवी करौली राजस्थान
करौली जिले में स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान सरकार के निर्देशों पर एक सराहनीय कदम उठाते हुए “होम-बेस्ड पेलियेटिव केयर कार्यक्रम” की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर, किडनी फेल्योर, लकवा और अन्य गंभीर/असाध्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अस्पताल के चक्कर लगाए बिना घर पर ही इलाज और देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराना है।
सीएमएचओ डॉ. जयंतीलाल मीणा ने बताया कि इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम मरीजों के घर-घर जाकर न केवल उनकी शारीरिक समस्याओं का उपचार कर रही है, बल्कि मानसिक व भावनात्मक सहारा भी प्रदान कर रही है। गंभीर बीमारियों में होने वाले असहनीय दर्द को नियंत्रित करने के लिए दवाएं व उपाय बताए जा रहे हैं, वहीं ऑपरेशन के बाद या अन्य कारणों से हुए घावों की ड्रेसिंग और देखभाल भी की जाती है।
मरीज की स्थिति के अनुसार सही आहार की जानकारी देना, परिवार को मानसिक रूप से मजबूत करना और बीमारी से लड़ने का हौसला देना इस कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों में शामिल है। यह पहल खासकर गरीब और बुजुर्ग मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिन्हें बार-बार अस्पताल जाना कठिन होता है।
डीपीसी (एनसीडी) मनोज शर्मा ने बताया कि पेलियेटिव केयर का मकसद केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज और उसके परिवार की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है। इसमें दर्द और तकलीफ कम करने के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और आध्यात्मिक सहयोग भी शामिल है।
करौली में इस कार्यक्रम की शुरुआत से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। अब गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अपने ही घर पर बेहतर जीवन जीने का अवसर मिलेगा।