30 जोड़ो का आदर्श दहेज मुक्त विवाह, 319 यूनिट हुआ रक्तदान,3440 लोगों ने भरे देहदान संकल्प के फार्म
अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
बैतूल। रविवार को ग्राम उड़दन स्थित सतलोक आश्रम में संत रामपाल जी महाराज जी के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में विशाल समागम चल रहा है। आश्रम के सेवादारों ने बताया कि 8 सितंबर 1951 को मानव समाज के कल्याण के लिए पूर्ण परमात्मा संत रामपाल जी महाराज के रूप में धरती पर अवतरित हुए फिर संत रामपाल जी महाराज जी को स्वामी रामदेवानंद जी महाराज जी से 1988 में नामदीक्षा प्राप्त हुई थी। आज तक निरंतर संघर्ष करते हुए संत रामपाल जी महाराज जी मानव समाज को पूर्ण मोक्षदायक सतभक्ति प्रदान कर रहे है। जिसमे पूरे मानव समाज को आने का खुला निमंत्रण दिया गया है। इस महाविशाल भंडारे में शुद्ध देशी घी से बने मिष्ष्ठान सब्जी, पूड़ी, दाल,चावल, हलवा आदि का मनमोहक भंडारा दिया जा रहा है। साथ ही संत गरीबदास जी महाराज जी के अमर ग्रन्थ साहिब की अमरवाणी का अखंड पाठ चल रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन संत गुरुवाणी द्वारा 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह भी संपन्न कराया गया और जिला चिकित्सालय बैतूल से आए स्टाफ की मौजूदगी में अनुयायियों द्वारा 319 यूनिट रक्तदान भी किया गया साथ ही 3440 अनुयायियों द्वारा देहदान के संकल्प फार्म भरे गए। अनुयायियों के अनुसार इस विवाह के साक्षी सभी तैंतीस कोटि देवी देवता बने। समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बैठने के लिए विशालकाय शेड बनाया गया है। साथ ही जूता घर,पार्किंग,मोबाइल चार्जिंग,शौचालय आदि की पर्याप्त सुविधा के साथ आध्यात्मिक प्रदर्शनी व नि:शुल्क नामदीक्षा की व्यवस्था भी की गई है। फोरलेन से आश्रम तक की दूरी में बने रोड पर लगी आकर्षित लाइटिंग व परमात्मा जी की आकर्षक झांकियां बनाई गई हैं। समागम के दूसरे दिन तक 2000 से अधिक लोगो ने संत रामपाल जी महाराज जी से नि:शुल्क नामदीक्षा ग्रहण कर अपने जीवन का कल्याण करवाया। अपने गुरुदेव जी के आदेशानुसार आने वाली सर्व संगत शांतिपूर्वक आकर अमर वाणी को श्रवण कर भंडारा प्रसादी लेकर वापस अपने घर जाती रही। 8 सितंबर को इस महासमागम का अंतिम दिन है। अनुयायियों ने सभी धर्म प्रेमी जनता से आग्रह किया कि वे भी इस पावन अवसर पर आकर पापनाशक भंडारा ग्रहण कर अपने पुण्य कर्म बनाएं।2