खेत में दवाई छिड़कते किसान की मौत सहारनपुर के गगोह में
पेस्टीसाइड छिड़कते समय किसान की तबियत बिगड़ी, हुई मौत
तीतरों: पेस्टीसाइड छिड़कते समय किसान की तबियत बिगड़ गई।जिसको तत्काल गंगोह अस्पताल लाया गया।मगर उपचार के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया।
गांव डूभर किशनपुर में किसान पदम सिंह शनिवार की करीब साढ़े दस बजे अपने धान के खेत मे पेस्टीसाइड बो रहे थे। स्वजन अजय खटाना ने बताया कि खेत में जमीन में पेस्टीसाइड की बुवाई कर रहे थे।इसी दौरान उनको अचानक चक्कर आ गए। जिसके कारण हमारे पड़ोसी किसान को उन्होंने तबियत खराब होने की जानकारी दी। जिससे वह उनको गांव में लेकर आ गए।हमारा खेत गांव के पास ही है। स्वजन पदम सिंह को गंगोह में उपचार के लिए ले गए।चिकित्सक के देखने पर उनका ब्लड प्रेशर बहुत हाई था। जिससे उनको वही पर हार्ट अटैक आ गया। चिकित्सक की कोशिश के बावजूद किसान पदम सिंह की मौत हो गई। पदम सिंह की मौत के बाद गांव में शोक व्याप्त हो गया।गमगीन माहौल में उनके बेटे अक्षय खटाना ने उनका अंतिम संस्कार किया। गांव में उनका बेहद सरल व्यवहार था।उनकी मौत से गांव में मातम छा गया।
पेस्टीसाइड दवाई छिड़काव के समय एहितयात जरूरी
पेस्टीसाइड दवाई पर दिशा निर्देश लिखे होते है।लेकिन किसान उनको कम ही पढ़ते हैं। जिससे पेस्टीसाइड कभी कभी उनके लिए जानलेवा साबित हो जाती हैं।दिशा निर्देश मे पेस्टीसाइड का छिड़काव करते समय खुद को बचाने के लिए मास्क, दस्ताने और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें की सलाह दी जाती हैं।विशेष रूप से पेस्टीसाइड सुबह या शाम को छिड़काव करने की भी बात कही जाती हैं। धूप में पेस्टीसाइड नुकसानदेह साबित होती हैं।
कृषि वैज्ञानिक आइके कुशवाहा ने बताया कि पेस्टीसाइड का छिड़काव करते समय पान गुटखा नही खाना चाहिए।शरीर को ढक कर रखे।हवा के रुख शरीर की तरफ न हो।आदि सावधानी बरतने चाहिए
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़