प्रशासन ने अधिवक्ता बेबी नागरा का चैंबर गिराया
वकीलों ने आरोप लगाये कि अकेली गरीब महिला का चैंबर ही अतिक्रमण के नाम पर रात में क्यों तोड़ा गया चैंबर और भी थे कचहरी के परिसर में जिनके पास भी शायद ही कोई अनुमति हो।
अधिवक्ताओं का यह भी कहना है कि चैंबर तोड़ने से पहले कोई नोटिस क्यों नहीं जारी किया गया यदि नोटिस जारी किया गया होता तो बेबी नागरा को अपने सामान को बचाने का मौका मिल जाता।
इस विषय पर बार ऐसोसियेशन के प्रधान और किसान आंदोलन के क्रांतिकारी नेता एवं अधिवक्ता ने भी अपनी नाराजगी भरी प्रतिक्रिया जाहिर की।
यमुनानगर से संवाददाता संदीप गाँधी की विशेष रिपोर्ट