नन्दगोपाल पाण्डेय ब्यूरोचीफ सोनभद्र
राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जातिगत भेदभाव को समाप्त करने के लिए पुलिस अभिलेखों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर जाती अंकित करने पर रोक लगा दी माननीय मुख्यमंत्री जी नाम के आगे जाती लिखने से जातिवाद नहीं होगा सरकार द्वारा तहसीलों में जाती प्रमाण पत्र जारी करने,महाविद्यालय स्कूलों में प्रवेश में जाती लिखने से विद्वेष उत्पन्न हो रहा है,जाती के नाम पर ही तो फीस भर रहा है ब्राह्मण,क्षत्रिय कायस्त वैश्य है तो 500 फीस भरनी पड़ रही है वहीं पासवान दलित है तो 50 रुपया तो जातिवाद कहा खतम होगी,माननीय मुख्यमंत्री जी से कहना यूकी एससीएसटी एक्ट जो धन उगाही का माध्यम बन गया है फर्जी मुकदमा जाती के नाम पर दर्ज हो रहे है लोग आत्महत्या तक कर रहे है के रहते जातीय विद्वेष कहा समाप्त हो पाएगा , जाती के नाम पर आरक्षण जाती के नाम पर सरकारी नौकरी,जाती के नाम पर गैस ,जाती के नाम पर आवास जाती के नाम पर स्कॉलरशिप तो कैसे जातीय विद्वेष समाप्त हो सकता है,गाड़ियों पर साइन बोर्ड पर जातीय रैलियों पर प्रतिबंध लगाया गया है का स्वागत करते हैं अगर उससे जातीय विद्वेष समाप्त होता है तो आप से कहना चाहते हैं कि सबसे पहले उनपर कार्यवाही कराए जो जातीय जनगणना की बात कर रहे हैं जिसकी जितनी भागीदारी उतनी उसकी हिस्सेदारी से जातीय विद्वेष फेल रहा है आप उनपर भी कारवाही कराए जो जातिगत आरक्षण को बढ़ाने की बात कर रहे हैं आप माननीय मोदी जी पर भी कार्यवाही करवाए जो माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश को संसद में पलट कर जातिगत विद्वेष एससीएसटी एक्ट को बढ़ावा दिया जाती के नाम का बढ़ावा सरकार दे रही है सरकार अगर जाती के नाम का बढ़ावा देना बंद नहीं करती तो हम सवर्ण की आवाज उठाते रहेंगे बीजेपी सवर्ण की भावना को नहीं समझी दोहरा चरित्र न अपनाए अगर वास्तव मे जातीय व्यवस्था बंद करनी है तो सबसे पहले एससीएसटी एक्ट, जातिगत आरक्षण को समाप्त कराए