ज़ाकिर ज़ंकार, आहवा (ता. 2)
डांग ज़िले के प्रशासनिक मुख्यालय आहवा नगर की मुख्य सड़कों पर आवारा मवेशियों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। इसके चलते वाहनचालक और पैदल यात्री भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सड़क के बीच में गायों के झुंड से ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाएं और वाहनचालकों का समय बर्बाद होना आम बात हो गई है। प्रस्तुत तस्वीर इस स्थिति का जीवंत प्रमाण है, जिसमें मुख्य सड़क पर गायों का बड़ा झुंड दिखाई दे रहा है, जिससे वाहनों की गति धीमी पड़ गई है।
यह समस्या केवल ट्रैफिक तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का गंभीर मुद्दा भी बन चुकी है। कई बार मवेशी अचानक सड़क पर आ जाने से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बरसात के मौसम में गीली और फिसलन भरी सड़कों पर यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय नागरिकों और वाहनचालकों द्वारा बार-बार शिकायतें करने के बावजूद आहवा ग्राम पंचायत या अन्य संबंधित विभागों की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। तंत्र की इस निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:
* कब आएगा समाधान? क्या आहवा नगर का तंत्र इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान लाएगा?
* मालिकों पर कार्रवाई होगी? मवेशी बेजुबान हैं, पर उनके मालिकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने पशुओं को सार्वजनिक मार्गों पर न छोड़ें। क्या प्रशासन इन मवेशियों के मालिकों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा?
* क्या यह ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी नहीं? सार्वजनिक मार्गों को सुरक्षित और आवागमन के लिए खुला रखना आहवा ग्राम पंचायत की प्राथमिक जिम्मेदारी है। क्या तंत्र अपनी यह मूलभूत जिम्मेदारी निभाने में असफल साबित हो रहा है?
जनता की मांग है कि आहवा ग्राम पंचायत तत्काल प्रभाव से आवारा मवेशी पकड़ने की मुहिम शुरू करे, मवेशियों के मालिकों पर जुर्माना लगाए और जरूरत पड़ने पर पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था करे, ताकि नगर की मुख्य सड़कें आवारा मवेशियों से मुक्त हों और वाहनचालकों व नागरिकों को राहत मिल सके।
—