हजारीबाग संवाददाता । अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शुक्रवार को हजारीबाग जिले में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत जागरूकता और उत्सव का माहौल रहा। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार के तत्वावधान में जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बालिका सशक्तिकरण और उनके प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना था।
नवजात बालिकाओं का विशेष सम्मान
सदर अस्पताल और विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नवजात बालिकाओं के जन्म को एक सम्मान के रूप में मनाया गया।
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं ने नवजात बालिकाओं का गर्मजोशी से स्वागत किया।
सभी नवजात शिशुओं को बेबी किट और उपहार (वस्त्र) वितरित किए गए, जिससे बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता और उत्सव
जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बालिका सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए कई उत्साहवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए गए:
पंजीकृत बालिकाओं के लिए विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया गया।
बालिकाओं द्वारा पौधा रोपण किया गया और प्रतीकात्मक रूप से बच्चियों का जन्मोत्सव मनाया गया।
किशोरी बालिकाओं के बीच माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष सत्र आयोजित किए गए।
मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और सभी को “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रमों में स्थानीय समुदाय, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं और किशोरी बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई। बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक केक काटकर अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का जश्न मनाया। इस पहल से बालिकाओं में आत्मविश्वास और उत्साह में वृद्धि हुई।
जिला प्रशासन ने संदेश दिया कि सभी को बालिकाओं के लिए समान अवसर और शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए।